जैन संत को दी िवदाई
जैन संत कीर्तिर| विजय प्रशांत र| विजय को विदाई देने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में जुटे लोग।
जैन धर्मगुरू कीर्तिर| विजय सा एवं प्रशांत र| विजय सा राजनांदगांव में चातुर्मास बिताने के बाद पिछले िदनों नगर पहुंचे। वे जिनदत्त श्वेताम्बर मंिदर में धर्म उपदेश सुनाकर धर्म का प्रचार प्रसार किया। इस आयोजन का जैन संप्रदाय के साथ अन्य लोगों ने भी लाभ लिया। समाज के कुशाल टाटिया ने बताया कि जैन धर्म गुरू दोनों पिता-पुत्र हैं तथा एक साथ ही संन्यास लिए हैं। वे कभी एक स्थान पर अधिक दिन नहीं रूकते। कुछ दिन रूककर वे सुबह साढे नौ बजे पंडरिया के लिए प्रस्थान किए। नगर से बिदा होते समय गुरू श्री को छोड़ने ट्रांसपोर्ट नगर तक काफी संख्या में सामाजिक लोग आस्था के साथ पहुंचे।
पिता-पुत्र हैं दोनों संत