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दीक्षा ग्रहण कर टाटिया परिवार की क्षमा बनी महासती तितिक्षा

6 वर्ष पहले
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संस्कारधानीमें एक बार फिर ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। दीक्षार्थी क्षमा टाटिया ने जैन भागवती दीक्षा अंगीकार किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार सुबह सात बजे सिनेमा लाइन स्थित निवास स्थान से महाभिनीष्क्रमण यात्रा प्रारंभ हुई। जो दीक्षा स्थल उदयाचल पहुंचने वाली थी। अचानक हुई बारिश् के कारण कार्यक्रम स्थल बदलकर सदर बाजार स्थित जैन स्थानक भवन ले जाया गया। यहां दीक्षा लेने के बाद क्षमता टाटिया महासती तितिक्ष बनी।

सदर बाजार में विराजित पूज्य महासती चंदन बालाजी म.सा. आदि ठाना 14 के सानिध्य में दीक्षार्थी बहन का दीक्षा कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मुंडन वेश परिवर्तन बाद जैसे ही दीक्षार्थी बहन जैन स्थानक भवन पहुंची वहां उपस्थित हजारों की संख्या में श्रध्दालुजन भाव-विभोर होकर उन्हें निहारते रहे। विराजित दीक्षा प्रदाता पूज्य महासती चंदनबालाजी म.सा. ने पुन: दीक्षार्थी बहन एवं उनके माता-पिता अन्य पारिवारिक जनों से दीक्षा दिलाने की अनुमति ली। अपारजन मेदनी की उपस्थिति में लगभग 9 बजे क्षमा टाटिया का दीक्षा कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दीक्षा बाद उन्हें महासती तितिक्षा जी का नाम दिया गया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से उपस्थित हजारों श्रध्दालुओं की उपस्थिति में दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ। साध्वी तितिक्षा की बड़ी दीक्षा का कार्यक्रम भी राजनांदगांव में ही आगामी 17 फरवरी को निर्धारित किया गया है।

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश कांकरिया ने जैन समाज के सभी घटक एवं समस्त संस्थाओं को दीक्षा समारोह के प्रत्येक कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने बधाई दी।

प्रदेश की पहली 158वीं साध्वी हमारे नगर की

जैनस्थानक में हुए दीक्षा में साध्वीवृंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहली साध्वी राजनांदगांव की थी और आज मुमुक्ष क्षमा के बाद 158 वें स्थान पर शहर का नाम है। उपस्थित साध्वी ने बड़ी सरलता भरे माहौल में कहा कि दीक्षा दिलाने हम आए तो 14 थे पर अब क्षमा के दीक्षा ग्रहण करते ही हम 15 हो गए।