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पाटेकोहरा बैरियर में स्टिकर के नाम पर धांधली हुई बंद

7 वर्ष पहले
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पाटेकोहरा बैरियर में टोकन या स्टिकर सिस्टम शनिवार को बंद मिला। एंट्री के नाम पर लिया जाने वाला शुल्क किसी से नहीं लिया गया। हालांकि अफसरों की तिमारदारी में लगे लोगों की भी आमद रही। खुद परिवहन निरीक्षक अनिल श्रीवास्तव ने स्वीकारा था कि इधर-उधर के काम के लिए कर्मचारी रखे जाते हैं।

शनिवार दोपहर को बारिश के कारण ट्रकों की आवाजाही थोड़ी थमी रही, लेकिन बाहरी कर्मचारियों के सक्रियता बरकरार रही। वे काउंटर से चेकपोस्ट तक घूमते दिखे। इस बीच आने-जाने वालों से भी पूछताछ की जाती रही।

ट्रक चालकों ने बताया कि बैरियर में आए दिन इसी बात को लेकर बहस भी होती है, लेकिन इन कर्मचारियों का कुछ नहीं होता। गुरुवार को भास्कर की टीम ने भी एेसे कर्मचारी सक्रिय देखे। प्रभारी अधिकारी से पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि दूसरे कामों के लिए उन्हें रखा जाता है।

पंडाल के बाजू में मंत्री राजेश मूणत और एआरटीआे गनी खान चर्चारत।

इसी बैरियर को पार कर जाते हैं पशु तस्कर

बतायागया कि पशुओं की तस्करी इसी बैरियर से होती है, लेकिन परिवहन अधिकारी या सिपाही ऐसी गाड़ियों को नहीं पकड़ते। कई बार हिंदू संगठनों के लोगों ने वहां पहुंचकर ऐसी गाड़ियों को पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। ऐसे में वहां काम करने वाले कर्मचारियों अफसरों की भूमिका भी संदेहास्पद लगती है।

परिवहन मंत्री ने एआरटीओ से की चर्चा

मेडिकलकॉलेज में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आने से पहले परिवहन मंत्री राजेश मूणत ने एआरटीओ अब्दुल गनी खान को पंडाल के बाजू में ले जाकर पांच-सात मिनट तक पूछताछ की। हालांकि उनकी बातचीत स्पष्ट सुनाई नहीं दी, लेकिन हावभाव से बैरियर के संबंध में भी चर्चा का अाभास हुआ।