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प्रभु का नाम ही संसार में काफी है: नरेश भाई

7 वर्ष पहले
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कान्हामहिला मंडल द्वारा आयोजित सात दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ की बयार चौथे दिन भगवान वामन, भगवान राम भगवान कृष्ण जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया गया। स्टेट स्कूल मैदान में आयोजित अष्टोत्तर शत 108 भागवत ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन व्यासपीठ पर आसीन भागवताचार्य नरेशभाई राज्यगुरु ने कहा कि कृष्ण परमतत्व है।

कृष्ण का मतलब है आकर्षित करने वाला, कृष्ण नाम की महिमा ही निराली है। कृष्ण मतलब नाम, धाम, लीला है। भगवान ने 125 सालों तक इस संसार में लीलाएं दिखाए। भगवान के नाम मात्र से मनुष्य जीवन के दुखों का नाश हो जाता है। उनके नाम जाप से ही इस युग से मुक्ति मिलती है। भगवान का नाम ही इस संसार में पर्याप्त है। नाम से लीलाधर की छवि जाती है जैसे भगवान कृष्ण नाम टेढ़ा-मेढ़ा है तो उनकी लीलाएं भी टेढ़ी-मेढ़ी हैं। वहीं भगवान राम का नाम सीधा तो वो मर्यादा पुषोत्तोम। वहीं सुबह की कथा में भगवान वामन अवतार की कथा से श्रोताओं को मुग्ध कर दिए। उन्होंने राजा बलि की उदारता के विवरण करते हुए बताया कि भगवान बटुक अवतार के मोहित होकर तीन चरण भूमि दान का देने का वचन दिए। अपने वचन पर अडिग रहकर राज बलि चिरंजीवी हुए। इसी प्रकार इस संसार में वेद व्यास, हनुमान, परशुराम, अश्वथामा, विभीषण, कृपा चार आज भी जीवित हैं।

विषम परिस्थिति में सात जगह झूठ बोलने पर कोई पाप नहीं

कथा में राजा बलि के गुरु शुक्राचार्य ने बताया कि मनुष्य अगर सात जगह विषम परिस्थिति में झूठ बोलता है उस पर किसी प्रकार पाप नहीं लगेगा। ये धर्म प|ी से सुखी दांपत्य जीवन जीने के लिए बोला गया झूठ, विवाह के समय, हमारे पुत्र-पुत्रियों के विवाह संबंध जोड़ते समय, लोक वृत्ति, प्रांण संकट में हो, ब्राहम्ण का अनादर हो रहा हो तो उसे रोकने लिए गौ माता पर हो रहे हिंसा, गौ हत्या रोकने के लिए बोला गया झूठा पाप की श्रेणी में नहीं आता। इस प्रकार के वचन उन्होंनेे शिष्य से कहे।

स्टेट स्कूल में हो रहे भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं।