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20 स्टूडेंट्स को टाइफाइड

6 वर्ष पहले
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पेंड्रीस्थित मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले 20 से अधिक छात्रों को टाइफाइड हो गया है। पिछले दस दिनों से यहां लगातार टाइफाइड के मरीज मिलते जा रहे हैं। इससे छात्र भी परेशान हो गए हैं। यहां दूषित पानी की सप्लाई होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद मैनेजमेंट की ओर से किसी तरह का अलर्ट या उसके बचाव के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज के कई भावी डॉक्टर इन दिनों बीमार चल रहे हैं। कॉलेज में ऐसे 20 से ज्यादा छात्र हैं जो टाइफाइड से जूझ रहे हैं। कॉलेज का दौरा करने पर पता चला कि यहां 54 छात्र और 45 छात्रों की पढ़ाई प्रथम वर्ष में चल रही है। बीमार होने वालों में 15 के आसपास छात्राएं हैं। कुछ छात्राएं तो हॉस्टल में ही आराम कर रही हैं। एक एक छात्र रोज जिला अस्पताल में जाकर अपना चेकअप करा रहे हैं। टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रहा है। छात्रों के लिए यहां पांच ब्लॉक और छात्राओं के लिए एक ब्लॉक है। पानी की सप्लाई निगम के टैंकरों से हो रही है।

छात्राओं में अन्नू सिंह, हरलीन, शिवांगी, छाया, ज्योत्सना, मनीषा, अनीषा और छात्रों में अभय, आशीष, अभिजीत, घनश्याम और नवीन के अलावा अन्य छात्रों को भी टाइफाइड है। जल्द ही यहां कोई ठोस उपाय नहीं किया गया तो आने वाले समय में छात्र ही परेशान होंगे। प्रबंधन अब भोजन व्यवस्था में लगे कर्मियों की जांच कराने की बात कह रही है।

अलर्ट नहीं, गंदगी का आलम

जहांपर पानी को स्टोरेज किया जाता है, वहां गंदगी का आलम है। यहां हर एक दिन में एक छात्र टाइफाइड से पीडि़त हो रहा है और टंकी के आसपास पानी का डबरा बन चुका है। नल से दिनभर पानी बहता रहता है। सफाई भी नहीं हो पा रही है। डीन कार्यालय के सामने ऐसा नजारा है।

फेल हो चुके सात बोर

यहांशुरुआत में पानी सप्लाई के लिए सात स्थानों पर बोर खोदे गए थे। सातों बोर फेल हो गए। इसके बाद कॉलेज के एक किनारे में टंकी का निर्माण किया गया है। यहां रोज नगर निगम के टैंकर से पानी डाला जाता है। हॉस्टल के सभी ब्लॉक में पानी की सप्लाई की जाती है।

मुख्यमंत्री की घोषणा धरातल तक नहीं आई

उद्घाटनके दौरान मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने सितंबर में मेडिकल कॉलेज में पेयजल सप्लाई के लिए पांच करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी। सृष्टि कॉलोनी से होते हुए पाइपलाइन का विस्तार मेडिकल कॉलेज तक होना था। अब तक इस पर क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है। बताया गया कि इसी की वजह से छह माह से यहां नगर निगम के टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है।

दूषित पानी की समस्या है

^कुछछात्रों की जांच में टाइफाइड निकला है। इसके बाद से वहां छात्रों को अलर्ट कर दिया गया है। टाइफाइड का कारण दूषित पानी है। स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन योजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। डॉ.चंद्रशेखरमोहबे, सीएमओ

कॉलेज में पानी जिस टंकी में स्टोर होता है, उसके ठीक सामने गड्‌ढे में भरा है पानी।