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घंटों बरामदे में पड़े रह गए नौकरी के आवेदन, शाम को चपरासी ने उठाया
आदिमजाति विकास विभाग द्वारा इन दिनों भृत्य, रसोइया, पानी वाला, चौकीदार और पूर्णकालिक स्वीपरों के 295 पदों की भर्ती की जा रही है। इसके लिए 10 दिसंबर को आवेदन की अंतिम तिथि थी। विभाग की मानें तो इन पदों के लिए 40 हजार आवेदन विभाग को मिले हैं। चूंकि नियमित पद हैं, इस वजह से भारी मात्रा में बोरियों में भरकर आवेदन डाकघर से विभाग को भेजे गए हैं। गुरुवार दोपहर को एक दर्जन बोरियां कलेक्टोरेट परिसर के नीचे बरामदे में घंटों पड़ी रही। यहां से गुजरने वाले लोगों में यह चर्चा का विषय रहा।
विभाग द्वारा जिले के छात्रावासों में नियमित भृत्य के 141, रसोइया, पानी वाला और चौकीदार के 80 और पूर्णकालिक स्वीपर के 74 पदों पर भर्ती ले रहा है। गंभीर बात तो यह है कि अंतिम तिथि तक रोजाना हजारों की संख्या में विभाग को आवेदन मिले हैं। गुरुवार दोपहर कलेक्टोरेट में डाक विभाग द्वारा बोरियों को लाया गया और नीचे स्थित बरामदे में ही छोड़ दिया गया था। जबकि आदिवासी विभाग पहली मंजिल पर है। शाम करीब साढ़े चार बजे तक कुछ बोरियां इसी हालत में पड़ी रही। विभाग के भृत्य द्वारा शाम को इसे ले जाया गया।
इस तरह पड़ी थीं बोरियां।
एंट्री करने में लगेगा समय
विभागीयजानकारी अनुसार हजारों की संख्या में पहुंचे आवेदनों की पहले तो इंट्री की जाएगी। सीधी भर्ती होने की वजह से अंकों के हिसाब से मेरिट सूची निकाली जाएगी। उसी आधार पर भर्ती होगी। इसकी तैयारी विभाग द्वारा की जा चुकी है। अब देखना यह है कि चुनाव और अन्य कामों के बीच इतने ज्यादा मात्रा में आए आवेदनों की इंट्री कब तक हो पाती है।
^डाकघर के कर्मचारी रोज विभाग को आवेदनों की संख्या की सूचना देते हैं। साथ ही उन्हें दफ्तर में बोरियों को छोड़ने कहा गया है। अब तक 40 हजार आवेदन चुके हैं। अब इनकी इंट्री की जाएगी। इसके बाद मेरिट सूची निकलेगी।\\\'\\\' ललितशुक्ला, एसीट्राइबल