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पेश नहीं हुए मास्टर माइंड, न्यायालय का फैसला तीन दिन टला

7 वर्ष पहले
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मदनवाड़ाके कोरकोट्‌टी में 12 जुलाई 2007 को एसपी विनोद चौबे सहित 29 जवानों की शहादत के मामले में केंद्रीय कमेटी के सदस्य पूर्णेंदु शेखर मुखर्जी और वाराणसी सुब्रमण्यम का फैसला तीन दिन टल गया है। नक्सल प्रकरण मामले में इनके खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप के मामले में 29 नवंबर को बहस पूरी हो चुकी है। गुरुवार को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष ठाकुर के न्यायालय में इसका फैसला सुनाया जाना था। आरोपियों के पेश नहीं होने पर इसका फैसला अब 15 दिसंबर को सुनाया जाएगा।

लोक अभियोजक विष्णु साव ने बताया कि इन दोनों आरोपियों को वर्तमान में सेंट्रल जेल रायपुर में रखा गया है। पूर्णेंद्र की गिरफ्तारी 30 अप्रैल 2012 और सुब्रमण्यम को 4 जनवरी 2013 में गिरफ्तार किया गया था। आत्मसमर्पण करने वाले पांच नक्सलियों ने 12 जुलाई की घटना में इन दोनों की मौजूदगी और षडयंत्र रचने का बयान दिया है। इसी वजह से इनके खिलाफ धारा 302, 147, 148, 120 बी के तहत मामला दर्ज है। इस मामले में बहस पूरी हो चुकी है। फैसला अब 15 दिसंबर को आएगा। बयान में यह बात सामने आई है कि इन दोनों के द्वारा ही कोरकोट्‌टी में हुई घटना का जाल बुना गया था।