स्कूलों में हो सीधी भर्ती
स्कूलोंमें शिक्षकों की कमी को देखते हुए राज्य शासन ने जहां अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करने कहा है, इसके विपरीत प्रक्रिया के विरोध में डीएड प्रशिक्षण प्राप्त युवा अतिथि शिक्षकों का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने कलेक्टोरेट पहुंचकर अपना विरोध जताया। प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नियमित रूप से नई भर्ती करने की मांग उन्होंने रखी। उनका कहना था कि डीएड प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी वे बेरोजगार हैं। इस मामले में उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
डीएड प्रशिक्षण प्राप्त हितेश सिन्हा, योगेश कुमार, अनिल कुमार, मालेश्वर वर्मा, थानसिंह साहू अन्य ने बताया कि जिले भर में 400 से ज्यादा युवा डीएड प्रशिक्षण प्राप्त कर बेरोजगार घूम रहे हैं। इधर शासन द्वारा स्कूलों में शिक्षकों की कमी बताकर अतिथि शिक्षकों से स्कूलों में अध्यापन की व्यवस्था करा रही है। शासन के द्वारा इन्हें मानदेय भी दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि इसके बदले नियमित शिक्षाकर्मियों की भर्ती की जानी चाहिए ताकि डीएड प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगारों को नौकरी मिल सके और उनकी बेरोजगारी दूर हो। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण में अभी भी कई स्कूलों में अतिशेष शिक्षक निकल रहे हैं। आने वाले समय में अनुभवी बताकर इन्हीं अतिथि शिक्षकों को शिक्षाकर्मी भी बना दिया जाएगा तो आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि डीएड करने का मतलब ही नहीं निकला। अभी भी जिले में एक हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली होंगे। उन पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए। ताकि प्रशिक्षण लेने वाले बेरोजगारों को मौका मिल सके।
वर्ग-3 को संकुल समन्वयक
इधरशिक्षा विभाग में संकुल समन्वयक की नियुक्ति में भी नियमों को दरकिनार कर दिया गया है। मोहला में पदस्थ शिक्षाकर्मी वर्ग-तीन नेतराम वर्मा को रेंगाकठेरा संकुल का समन्यक बनाया गया है। वे २००८ में पदस्थ हुए थे। अगले ही साल उन्हें इस पद की जिम्मेदारी दी गई।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर युवाओं ने रखी अपनी बात।
डीएड वालों ने मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
^यह शासन स्तर का मामला है। हालांकि अतिथि शिक्षकों को अप्रैल तक ही पढ़ाना है। नई भर्ती के संबंध में शासन से जैसे दिशा निर्देश मिलेंगे उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। बीएलकुर्रे, जिलाशिक्षा अधिकारी