भुगतान में बांट दिए नकली नोट
जिलासहकारी बैंक की मुढिय़ा मोहारा ब्रांच में किसानों को भुगतान में नकली नोट बांटने का मामला सामने आया है। मंगलवार को इस मामले को लेकर बैंक प्रबंधन और कुछ किसानों के बीच विवाद भी हुआ। हालांकि अंत में नकली नोटों को वापस कर दिया गया है।
बैंक प्रबंधन ने इसकी रिपोर्ट तक थाने में नहीं की है। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर बैंक में नकली नोट आए कहां से और बिना जांचे परखे उसे किसानों को बांट भी दिया गया। कसारी सोसाइटी में सलटिकरी निवासी संतोष बंजारे ने बीते दिनों अपना 15 क्विंटल धान बेचा था। खाद और कर्ज की राशि काटकर 15 हजार रुपए का चेक कसारी सोसाइटी से किया गया था। पांच फरवरी को उन्होंने चेक भुनाने के लिए मोहारा स्थित सहकारी बैंक के कार्यालय में गए तो उन्हें पांच-पांच सौ के 30 नोट दिए गए। वे रुपए लेकर वहां से चले गए लेकिन बाजार में जब नोट दिया तो नकली होने का खुलासा हुआ। इसमें से पांच नोट नकली निकले। वे भी हड़बड़ा गए और मंगलवार को उन्होंने बैंक में संपर्क किया। बैंक में उनसे पहले तो टालमटोल किया गया लेकिन बाद में उनके नोटों को लेकर दूसरे नोट दिए गए।
नंबरतक नहीं छपे
गंभीरबात तो यह है कि पांच सौ के इन पांच नोटों में एक तरफ नंबर हैं तो दूसरी ओर नंबर ही नहीं छपे हैं। इसे देखकर अफसरों के भी होश उड़ गए। गंभीर बात तो यह है कि यह नोट बैंक में आए कैसे। इस पर अब तक किसी तरह की पड़ताल बैंक अफसरों ने भी नहीं की है। इसकी सूचना पुलिस तक को नहीं दी गई है।
^इस संबंध में अब तक बैंक या किसानों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। संजयपुंढीर, थाना प्रभारी डोंगरगढ़
^मामले की जानकारी प्रशासन को नहीं दी गई है। इस संबंध में बैंक के अफसरों से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। अशोकअग्रवाल, कलेक्टर