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चार दिन में फ्लू और वायरल के 300 मरीज

7 वर्ष पहले
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बारिशऔर धूप फिर उसम इस तरह मौसम के बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में पिछले 4 दिनों में वारयरल, डायरिया और फ्लू के 300 से अधिक मरीज चुके हैं। यह आंकड़ें सिर्फ जिला अस्पताल है कि इसके अलावा शहर के निजी हास्पिटलों में भी मरीजों की कतार देखी जा सकती है।

चिकित्सकों ने बताया कि ठंडा और फिर मौसम गर्म होने के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर इसका असर पड़ता है। आमतौर पर बुजुर्गो और बच्चों पर। डायरिया और वारयल के मरीजों में ये दोनों वर्ग की ज्यादा शामिल है। इसके अलावा सर्दी-खासी, फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसारा जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 मरीज रहे हैं। इनमें औसतन सौ को इन्हीं मौसमी बीमारियों के घिरे हैं। उन्हें हिदायत दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें, क्योंकि मौसम हर दिन बदल रहा है।

वार्डों में रोजाना भर्ती हो रहे वायरल के मरीज। अब अितरिक्त बिस्तर लगाने की नौबत।

स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए ये सावधानियां बरतना जरूरी

जिला अस्पताल के पूरे हुए बिस्तर फुल

तीन-चारदिनों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में कुछ को तो प्राथमिक उपचार कर भेजा जा रहा है। वहीं अधिक तकलीफ वाले मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। इस कारण जिला अस्पताल के सभी वार्डों के ३०० बिस्तर फुल हो गए हैं। इसके साथ ही पेईंग वार्ड के कमरे भी खाली नहीं है। चिकित्सकों के बताया कि मरीजों में ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से आने वाले हैं। इसके अलावा शहरी मरीजों की संख्या जोड़ी जाए तो यह और बढ़ जाएंगे। क्योंकि निजी क्लिनिकों में भी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

^मौसम का बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसलिए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल के सभी वार्ड मरीजों से भर गए हैं। इसलिए सावधानियां बरतें, ताकि बीमारियों से बचाव हों। चंद्रशेखरमोहबे, सीएस,जिला अस्पताल

> पानी फिल्टर या फिर उबालकर पीएं।

> होटल का मसालेदार भोजन करने से बचे।

>धूप होने पर दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।

> घर के आसपास पानी जमा होने दें।

> घर के आसपास गंदगी हो तो केरोसिन का छिड़काव करें, मच्छरों काे पनपनें से रोकें।

> धूप में चश्मा और स्कार्फ का उपयोग करें, दोपहर के समय घर से कम बार ही निकलें।