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खराब बीज से 500 एकड़ सोयाबीन की फसल बर्बाद

7 वर्ष पहले
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प्रभावित फसल का रकबा और किसानों की संख्या में हो सकता है इजाफा, किसानों में आक्रोश

भास्करन्यूज | राजनांदगांव

सहकारीसमितियों से किसानों को खराब बीज देने का मामला सामने आया है। इस कारण छुईखदान और खैरागढ़ की तकरीबन ५०० एकड़ सोयाबीन फसल बर्बाद हो गई है। अब किसानों के सामने आर्थिक समस्या पैदा हो गई है। किसानों ने बताया कि फसल बोए काफी समय बीत गया है, इसलिए पर क्षतिपूर्ति लेने के सिवाय उनके पास कोई उपाय नहीं है। इसकी भरपाई के लिए उन्हें अगले साल बेहतर फसल से ही आस बची है।

संडी के किसान बिसेसर चंदेल ने बताया कि उत्तराखंड की कंपनी ने आखिरी खेप में 1042 बीज का वितरण किया। उसके कारण उनकी फसल पूरी तरह से प्रभावित हो गई है, अब खेतों में कुछ नहीं बचा है। यदि सोयाबीन की फसल पर बुरे असर का पहले आंका जाता तो कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेकर उपाय किए जा सकते थे, लेकिन अब नुकसान झेलने के अलावा किसानों के पास कोई चारा नहीं बचा है। इसी तरह संडी के लिए किसान बहादुर वर्मा, सूरज चंदेल, ओमप्रकाश वर्मा को भी सोयाबीन फसल में नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जून महीने में सभी किसानों ने संडी सोसाइटी से सोयाबीन बीज लिया था।

पहली बार नहीं

हरसाल किसी किसी फसल को लेकर इस तरह खराब बीजों में दिक्कत आती है और किसानों को आर्थिक क्षति होती ही है।

दलहन तिलहन का रकबा

फसलरकबा (हे. में)

सोयाबीन 40 हजार

अन्य तिलहन 2 हजार

दलहन 32 हजार

^खराब बीज के कारण सोयाबीन फसल प्रभावित होने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिरी किस कारण ऐसा हुआ है। अशोकअग्रवाल, कलेक्टर

सूख रही है फसल

किसानोंने बताया कि 1042 के बीज डालने के कारण ही फसल प्रभावित हो रही है। पहले सोयाबीन के पौधे तो आने लगे, इसके बाद फूल और फिर पौधे ही सूखने लगे। बताया गया कि छुईखदान में 1475 क्विंटल और खैरागढ़ में 1 हजार क्विंटल से अधिक इस बीज का वितरण किया गया है। इसलिए उन्हें क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।

टीम करेगी जांच

छुईखदानऔर खैरागढ़ में सोयाबीन फसल बर्बाद होने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए टीम गठित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसानों के नुकसान का आंकलन किया जा सकें। इसके अलावा फसल किस आधार पर प्रभावित हुई, इसके कारणों का भी खुलासा हो सकें।

किसानों को न