देवरानी-जेठानी का जायका अब बाजार में
सगीदेवरानी-जेठानी सुषमा और सविता बाजपेयी के बनाए हुए पापड़, बड़ी, जेम्स, जेली, आचार, दहीबड़ा एवं इमली की चटनी अब शहर के लोगों का जायका बदलेगी। घर पर पापड़, बड़ी, आचार बनाने वाली सुषमा सविता इस काम से लखोली की गरीब महिलाओं को भी जोड़ेंगी।
महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार में लाकर पिछड़ी बस्ती में रहने वाली महिलाओं के सशक्तीकरण का काम करेगी। यह जानकारी सोमवार को कलेक्टर अशोक अग्रवाल की मौजूदगी में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा दी गई। ठाकुर प्यारेलाल स्कूल में 4 सप्ताह तक चले नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण के अंतर्गत डेली नीड्स की वस्तुएं बनाने 30 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले ज्यादा थी। कलेक्टर अग्रवाल ने इस मौके पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण कर नए रोजगार एवं व्यवसाय प्रारंभ करने पर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों को खाद्य प्रसंस्करण की ट्रेनिंग का लाभ मिलेगा। डेली नीड्स की हर वस्तुओं की बिक्री की राजनांदगांव में काफी संभावनाएं है। यहां के लोग जायका पसंद हैं। उन्होंने कागज के ठोंगा एवं सेमी क्लाथ के बैग बनाने के कार्य को भी अच्छा व्यवसाय बताया। उन्होंने मेंहदी रचाने से लेकर आलू चिप्स बनाने एवं जैविक खेती के काम को समय की मांग बताया। कलेक्टर अग्रवाल ने महिलाओं से विभिन्न व्यवसायों पर चर्चा की।
ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को प्रमाण पत्र भी दिए गए।
ऐसे दी जायके की ट्रेनिंग
ट्रेनिंगले चुके प्रशांत ने बताया कि वह डेयरी व्यवसाय में कदम रखना चाहते हैं। कलेक्टर ने कहा कि ऋण लेने में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो उन्हें अवश्य अवगत कराएं। इस मौके पर ग्रामोद्योग इंस्पेक्टर राकेश ठाकुर समेत प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। उद्योग लगाने की प्रक्रिया,प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासकीय विभाग के योजनाओं की जानकारी, मार्केट सर्वे, चयनित उद्योग का बाजार सर्वेक्षण, मार्केटिंग आदि विषयों के अलावा मसाला निर्माण, नमकीन चिप्स निर्माण, नूडल्स निर्माण, आचार, सॉस कैचप निर्माण, पापड़, बड़ी बेकरी आदि विषयों पर थ्योरी प्रेक्टिकल कराया गया।
महिलाओं को ट्रेनिंग