दो लाख बच्चों को आज देंगे कृमि की दवा
स्वास्थ्यविभाग, महिला बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रुप से 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस मनाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. सीएस मोहबे ने बताया कि राज्य स्तरीय आयोजन में शासकीय स्कूलों में 10 से 19 वर्ष के छात्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों में, 10 से 19 वर्ष के शाला त्यागी लड़कियों को कृमि नाशक टैबलेट एलबेंडाजोल खिलायी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में 197094 बच्चों को गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह गोली एक खुराक सालभर में दो बार छह-छह माह के अंतर में खिलाई जाती है। डा. मोहबे ने बताया कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण के बाद टीम गठित किया गया है। यह टीम मंगलवार को जिले के समस्त स्कूलों में जाकर टैबलेट बांटेगी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को छुटे बच्चों को मापअप राउंउ के तहत 13 फरवरी को फिर से टैबलेट एलबेंडाजोल खिलाया जाएगी।
कैसे होता है कृमि
शरीरमें कृमि होने से बच्चा मानसिक तथा शारीरिक दोनों तरह से कमजोर हो जाता है। इनमे खून की कमी बनी रहती है। कुपोषण का शिकार होता है। बच्चों में कृमि दूषित भोजन, दूषित पेयजल, खुले मे शौच, हाथ की साफ-सफाई में कमी, अधपका भोजन, कच्ची सब्जियों के कारण पहुंचता है।