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अब तीनों बीईओ के खिलाफ भी होगी विभागीय जांच
बीआरसीराजनांदगांव में हुए 56 लाख रुपए के घोटाले की गाज वर्तमान और तत्कालीन बीईओ पर गिर सकती है। इस मामले में बीआरसी दिलीप रंगारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। जबकि तीन बीईओ के खिलाफ विभागीय जांच करने की तैयारी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले की पूरी फाइल डीईओ बीएल कुर्रे से मांगी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही विभागीय जांच के आदेश जारी किए जाएंगे। इधर बीआरसी रंगारी अब तक फरार है। उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
बीआरसी में दिलीप रंगारी द्वारा की गई 56 लाख रुपए की बड़ी गड़बड़ी में कार्रवाई के मामले में मौजूदा बीईओ एमएस ठाकुर, तत्कालीन बीईओ डॉ.सुनील महाकालकर और जीएस राज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा जिला शिक्षा अधिकारी बीएल कुर्रे ने की थी। मामले में कार्रवाई के लिए उन्होंने शिक्षा सचिव और संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को जांच का प्रतिवेदन भी भेजा। इसके बाद संचालक ने इस मामले की पूरी फाइल और अन्य दस्तावेजों को मंगाया है। बतौर आहरण अधिकारी वे भी इस गड़बड़ी में रंगारी के साथ बराबर के हिस्सेदार रहे। जांच में परिलक्षित हुआ है कि तीनों बीईओ ने जान बूझकर बीआरसी को छूट दी और अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है। इस वजह से रंगारी के अलावा इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। इधर एफआईआर के तीन दिन बाद भी बीआरसी रंगारी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया गया है।
बीआरसी में हुए लंबे खेल की परतें खुलेंगी।
^इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय से प्रकरण के सारे दस्तावेज मंगाए हैं। मामले में विभागीय जांच हो सकती है। बीएलकुर्रे, डीईओ
डिलापहरी के व्याख्याता पंचायत होंगे निलंबित
डिलापहरीमें शराब के नशे में स्कूल आने के मामले में जल्द ही निलंबन की कार्रवाई जिला पंचायत से होगी। सीईओ डॉ.प्रियंका शुक्ला ने बताया कि पुलिस द्वारा मुलाहिजा कराया गया है। डीईओ द्वारा रिपोर्ट सबमिट होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को इस मामले को लेकर डिलापहरी में जमकर हंगामा मचा था। मामले में डीईओ ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। दो व्याख्याता एसके देवांगन और डीएस मेश्राम नशे की हालत में मिले थे।