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जांच के लिए लैब भेजा गया मेडिकल कॉलेज का पानी
{ दूषित पेयजल ही टाइफाइड का कारण माना जा रहा
{कैंटीन के कर्मचारियों का भी ब्लड टेस्ट कराया गया
भास्करन्यूज| राजनांदगांव
मेडिकलकॉलेज में टाइफाइड फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी की सप्लाई ही माना जा रहा है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने खबर प्रकाशित होने के बाद पानी का सैंपल नगर निगम और सामाजिक रोग प्रतिबंधन विभाग (पीएसएम) को भेजा है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर छात्रों में भी दहशत का माहौल देखने मिल रहा है। जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में और भी छात्रों को यह बीमारी फैल सकती है।
मेडिकल कॉलेज में 20 से ज्यादा छात्रों को टाइफाइड की बीमारी है। पिछले 10 दिनों से यह सिलसिला चल रहा है। लगातार वहां नए मरीज सामने रहे हैं। मामले में मैनेजमेंट ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नगर निगम से वहां पानी की सप्लाई हो रही है। विभागीय अफसर इस मामले में निगम के पानी को प्रथमदृष्टया दोषी बता रहे हैं। हालांकि इसकी जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि कई छात्र खाना खाने के लिए बाहर भी जाते हैं। उससे भी टाइफाइड की आशंका है। फिलहाल पानी की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इसी गड्ढे के नीचे पाइप लाइन से टंकी में होती है पानी की सप्लाई।
^हॉस्टल के सभी ब्लॉकों में आरओ लगा हुआ है ताकि छात्रों को शुद्ध पानी मिल सके। फिलहाल पानी नगर निगम द्वारा सप्लाई की जा रही है। पानी का सैंपल निगम और कॉलेज के पीएसएम डिपार्टमेंट को भेजा है। डॉ.अनिलरावणे, चीफ वार्डन, मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज की कैंटीन की भी होगी जांच
अधिकारीयह कह रहे हैं कि यदि सभी ब्लॉकों में वाटर फिल्टर लगा हुआ है। ऐसे में यदि छात्र टाइफाइड से पीडि़त हो रहे हैं तो फिर कैंटीन की जांच की जाएगी। वहां के कर्मचारियों का भी ब्लड टेस्ट किया जाएगा। ताकि संक्रमण की पुष्टि हो सके। जिन कर्मियों को संक्रमण होगा उसे बाहर करेंगे।
डीन को जानकारी नहीं
इसमामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉॅ.आरके सिंह का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इतनी ज्यादा संख्या में छात्र टाइफाइड से पीडि़त हो गए हैं। शुरुआत में एक-दो छात्रों को टाइफाइड होने की खबर उन्हें मिली थी। कॉलेज के काम से वे इन दिनों दिल्ली गए हुए हैं। प्रबंधन से इसकी जानकारी लेने और लौटने के बाद कार्रवाई की बात उन्होंने कही है।