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क्वालिटी जांचने वालों के घर पड़ा एसीबी का छापा
कस्टममिलिंग के चावल की जांच करने वाले नागरिक आपूर्ति निगम के दो कर्मचारियों के घर में गुरुवार शाम एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबिश दी। शंकरपुर निवासी कनिष्ठ तकनीकी सहायक दंपति आलोक चंद्रवंशी और उनकी प|ी नागेश्वरी के यहां एसीबी का छापा पड़ा। अधिकारियों की टीम ने बसंतपुर स्थित कृषि उपज मंडी के दफ्तर और उनके घर में यह कार्रवाई की। शाम से रात तक यह कार्रवाई जारी रही। अफसरों की मानें तो दस्तावेज, संपत्ति के साथ-साथ सोने चांदी के जेवरात की जब्ती की गई है।
गुरुवार को नागरिक आपूर्ति निगम में हड़कंप मचा रहा। दोपहर बाद से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक साथ पूरे प्रदेश में छापेमार कार्रवाई की। चावल की क्वालिटी जांचने वालों के घरों और उनके दफ्तरों में दबिश देने का सिलसिला जारी रहा। राजनांदगांव में आलोक चंद्रवंशी और उनकी प|ी नागेश्वरी दोनों ही कनिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर पदस्थ हैं। उनका दफ्तर मंडी के पीछे और घर शंकरपुर में स्थित है। एंटी करप्शन ब्यूरो के टीआई जेपी कुजूर और उनकी टीम ने दबिश दी। मंडी में उनके दफ्तर को सील कर दिया गया। जबकि शंकरपुर स्थित घर में दस्तावेजों और संपत्ति की जांच रात तक जारी रही।
महकमेमें मचा हड़कंप: छापेकी खबर से नागरिक आपूर्ति निगम में काम करने वाले अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। रायपुर से लेकर बालोद, दुर्ग और राजनांदगांव में एक साथ छापेमार कार्रवाई की गई। बताया गया कि इन्हीं कर्मचारियों के द्वारा मिलर्स द्वारा दिए जाने वाले कस्टम मिलिंग के चावल की क्वालिटी चेक की जाती है। उनके द्वारा इसे प्रमाणित करने के बाद ही वेयर हाउस नान के गोदामों में चावल को रखा जाता है। इसमें मिलर्स से साठगांठ कर लेनदेन की आशंका व्यक्त की गई है। इस वजह से कार्रवाई की गई।
घर के अलावा कृषि उपज मंडी स्थित दफ्तर में भी पुलिस ने दी दबिश।