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बस स्टैंड नहीं होगा शिफ्ट, बनेगा शॉपिंग काॅम्प्लेक्स
लंबेसमय समय से अटकी पुराना बस स्टैंड की प्लानिंग फिर से शुरू हो गई है। यह भी तय हो गया है कि बस स्टैंड नए परिसर में शिफ्ट नहीं होगा। अभी जैसी व्यवस्था है, वही बनी रहेगी। पुराने बस स्टैंड में अब शापिंग कांप्लेक्स बनाने का प्रस्ताव लाया गया है। आने वाले दिनों में इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
महापौर मधुसूदन यादव,, कलेक्टर अशोक अग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने पुराना बस स्टैंड परिसर का दौरा भी किया। यहां व्यवसायियों से चर्चा भी की। वहीं परिसर में समस्याअों के बारे में पूछा और सुविधा विस्तार को लेकर आश्वासन भी दिया। अब सरकारी अमला योजना को मूर्त रूप देने के काम में लग गया है, क्योंकि काफी समय से बस स्टैंड का मसला अटका हुआ था। पहले इसे नए परिसर में पूरी तरह से शिफ्ट करने की सुगबुगाहट हुई। इसके बाद बस स्टैंड संघर्ष समिति ने जिला और निगम प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी और बस स्टैंड यही रखने की मांगा। इसके बाद मामला ठंडा पड़ गया। यानी शिफ्टिंग की बात हुई और ही यहां के जीर्णोद्धार की। अब पुराना बस स्टैंड के लिए नया प्रोजेक्ट यहां के व्यवसायियों के लिए राहत वाला है। इसमें निश्चत तौर पर फायदेमंद होगा।
पुराने बस स्टैंड में बनेगा शॉपिंग कांप्लेक्स।
नगर निगम कर रहा निर्माण की प्लानिंग
यहतो साफ हो गया है कि बस स्टैंड शिफ्ट नहीं होगा। यहां प्रथम तल पर व्यावसायिक परिसर का निर्माण होगा। वर्तमान में मौजूद दुकानदारों को यहां दुकानें दी जाएगी। इसके अलावा थोक दुकानदारों को भी यहां जगह दिए जाने की योजना है। ताकि उन्हें भी कामकाज को लेकर किसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़े। इसके अलावा बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जाएगा। अभी इसकी योजना तैयार करने का शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि बस स्टैंड का नया स्वरूप कैसा होगा।
कांप्लेक्स बनाने पीपीपी पर भी हो सकता है निर्णय
इसेलेकर भी चर्चा हो रही है कि पुराना बस स्टैंड का काम पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तर्ज पर हो सकता है। मतलब सरकार से हरी झंडी मिलने पर इसे पीपीपी का निर्णय हो सकता है। इसमें हर व्यक्ति रुपए इन्वेस्ट कर सकता है। इसके लाभ-हानि दोनों पर इन्वेस्टर का हिस्सा होगा। आमतौर पर बड़ी सिटी में इस तरह निवेश कराया जाता है। अगर पुराना बस स्टैंड में ऐसा होता है तो यह पहला प्रयोग होगा। हालांंकि इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। फिर भी निगम प्रशासन पीपीपी को लेकर भी काम करने की तैयारी में है।
^बस स्टैंड को नया रूप दिया जाएगा। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है। राज्य सरकार को इसके लिए लिखा जाएगा। अगर मंजूरी नहीं मिलती है तो पीपीपी मॉडल पर विचार किया जाएगा। मगर पहले इसे राज्य के पास भेजेंगे। मधुसूदनयादव, महापौर
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