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धर्मशाला की काट दी बिजली

6 वर्ष पहले
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मेडिकलकॉलेज परिसर में स्थित धर्मशाला की बिजली काट दी गई है। यहां शासकीय एंबुलेंस महतारी, संजीवनी 108, मुक्तांजली और शहरी स्वास्थ्य योजना के एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन रहते हैं। वे अब हलाकान होने लगे हैं।

जीवनदीप समिति की ओर से बिल पटाया नहीं गया है। इसका खामियाजा इन दो दर्जन कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। तीन दिन से बिजली कटी है जबकि डेढ़ साल से पानी का कनेक्शन काट दिया गया है। बाहर से आकर यहां इमरजेंसी गाडिय़ों में ड्यूटी देने वाले ये कर्मचारी अर्जुंदा, सोमनी, बालोद, डोंगरगढ़, पाटन अन्य जिलों के रहने वाले हैं। उन्हें तीन साल पहले कलेक्टर ने अनुमति देकर धर्मशाला में रुकने की व्यवस्था दी थी। एक तरह से धर्मशाला के दो हॉल एक कमरा इनके लिए आराम करने की जगह है। यहीं उनका दफ्तर भी है। बिजली का बिल बकाया होने की वजह से इनका जीना हराम हो गया है। पानी की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें बाहर होटलों में भोजन करना पड़ रहा है। बाहर की दुकानों में बैठकर वे मोबाइल चार्ज कर रहे हैं।

पार्किंगकी भी समस्या

जिलाअस्पताल परिसर में तीन महतारी एक्सप्रेस, दो संजीवनी 108, दो मुक्तांजलि और मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य योजना की मोबाइल गाड़ी रखने की जगह नहीं मिल पा रही है। पार्किंग की समस्या से वे जूझ रहे हैं। यहां सड़क पर गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है।

कलेक्टरसे करेंगे शिकायत

जिलाप्रबंधक अतीत मिश्रा, गुलशन वैष्णव, मुकेश साहू, ओमप्रकाश सारथी, उमा प्रताप अन्य ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कलेक्टर अशोक अग्रवाल से शिकायत की जाएगी। वे लगातार शासन को सेवाएं दे रहे हैं। कम से कम उनके रुकने की व्यवस्था तो अस्पताल प्रशासन को करनी चाहिए। उन्होंने बताया गया कि इसकी जानकारी प्रबंधन को दी गई कि लेकिन वहां से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है।

निशुल्क सेवा देने वाले चालकों तकनीशियनों की परेशानी बढ़ी।

^पायलेट और ईएमटी वहां रहते हैं। वे बिजली और पानी का उपयोग कर रहे हैं तो बिल उन्हें पटाना चाहिए। इसमें जीवनदीप समिति या अस्पताल प्रबंधन क्या करेगा। डॉ.चंद्रशेखरमोहबे, जिला अस्पताल अधीक्षक