पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सशिमं में हुआ दो दिवसीय प्रांतीय बौद्धिक समारोह

सशिमं में हुआ दो दिवसीय प्रांतीय बौद्धिक समारोह

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरस्वतीशिशु मंदिर सक्ती में 2 दिवसीय प्रांतीय बौद्घिक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के 7 संभाग के 36 स्कूलों से 178 विद्यार्थी और 40 शिक्षकों ने भाग लिया। शिशु, बाल, किशोर और तरूण वर्ग के लिए अलग- अलग प्रतियोगिता कराई गई। व्यक्तिगत गीत, निबंध, रंगोली, तात्कालिक भाषण, चित्रकला, गीतापाठ, प्रश्नमंच , तबला वादन, एकल अभिनय में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह सशिमं सक्ती में संगठन मंत्री विद्या भारती के लोमसराम साहू के मुख्य आतिथ्य में हुआ। मुख्य अतिथि लोमसराम साहू ने प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि विधा भारती की योजना में विघार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रत्येक वर्ष विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि अपने इसी कार्य से सशिमं ने पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। विद्यालय समिति के अध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल ने कहा कि विद्या भारती के अंतर्गत अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान आज पूरे राष्ट्र में विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही संस्कारिक बनाने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन कन्या भारती अध्यक्ष कु. मानसी गुप्ता और प्राचार्य केशव कुमार कौशिक द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने किया। इस मौके पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। दो दिवसीय प्रांतीय एवं बौद्धिक कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायकों को भी प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय समिति के व्यवस्थापक ओमप्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मांगेराम अग्रवाल, सह-व्यवस्थापक कन्हैया गोयल, कपूरचंद अग्रवाल, प्रधानाचार्य अनिरूद्ध तिवारी, जिला संयोजक दीपक सोनी, बजरंग अग्रवाल, बिहारी लाल राठौर, राजेन्द्र सिंह ठाकुर, गणेश मिश्र, प्रेमलाल पटेल, रामनारायण गौतम, दीनदयाल शर्मा , पार्षद अजय खेतान, दीपक गुप्ता, संघ कार्यवाहक गौरीशंकर राठौर, निरंजन यादव, मायाशंकर नामदेव, सुशमा कौशिक, गजानंद साहू, विजय देवांगन, मनमोहन साहू, रामनरेश यादव का विशेष योगदान रहा।

क्षेत्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन

दोदिवसीय इस प्रांतीय समारोह में शिशु, बाल, किशोर एवं तरूण वर्ग के लिए कई प्रतियोगिता हुई। व्यक्तिगत गीत, निबंध, रंगोली, तात्कालिक भाषण, चित्रकला, गीतापाठ,