सरपंचों की लापरवाही ...
>पेज 11 का शेष...
इन कार्यों में अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं, क्योकि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आर्थिक अनियमितता पर रिकवरी या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। खंड समन्वयक केसी देवांगन का कहना है कि पूर्व में पांच ग्राम पंचायत के सरपंचों को नोटिस जारी किया गया था। अभी सारे मामले सक्ती एसडीएम कोर्ट में लंबित हैं।