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अर्ली वेरायटी धान में समय से पहले आई बाली
भास्कर न्यूज | छपोरा (सक्ती)
अच्छाउत्पादन पाने बीज भंडार से बीज खरीदना एक किसान को भारी पड़ गया है। उसने 140 से 145 दिन में पकने वाली धान बीज सात एकड़ में लगाई है पौधे का विकास भी नहीं हो पाया है और महज 70- 80 दिनों में ही बालियां आने लगी है।
सामान्यतया पौधे के चार फीट होने के बाद इस धान में बाली आती है लेकिन अभी इसकी उंचाई करीब एक फीट है। ग्राम बेल्हाडीह के किसान संकुजय चंद्रा ने बताया कि उसने सक्ती जाकर नगर पालिका कार्यालय के पास वाले दुकान छत्तीसगढ़ बीज भण्डार से उक्त धान बीज खरीदा है जिसका नाम एमटीयू 7029 है। 25 किग्रा के बीज के पैकेट में स्पष्ट लिखा था कि उसके पकने की अवधि 140 से 145 दिन की है। किसान का कहना है कि उसने 17 जून को छग बीज भण्डार सक्ती से बीज का जो पैकेट खरीदा उसमें एग्री गोल्ड फुड प्रोडक्ट एमजी रोड विजयवाड़ा आंध्रा प्रदेश कंपनी अंकित है। उसने अपने सात एकड़ के खेत के लिए 930 रुपए में बीज खरीदा था और 25 जून को रोपा लगाकर माह भर के अंतराल में खेत में रोपाई करवाया था। जिस पर अभी से बालियां आने लगी है। किसान ने इसकी शिकायत संबंधित दुकान में जाकर की तो बीज दुकान संचालक एसके तिवारी ने स्वयं खेत का अवलोकन किया और अचंभित रह गया। बीज दुकान के संचालक का कहना है कि इसकी शिकायत बीज कंपनी में की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर बीज कंपनी को शिकायत भेजने की तैयारी बीज दुकान के संचालक द्वारा की जा रही है।
छोटे पौधे में आई बाली
किसान की चिंता
समय पूर्व आने लगी धान की बालियों से किसान चिंता में डूबा है। किसान की चिंता है कि इतने छोटे पौधे में बाली आने से इसका विकास नहीं हो पाएगा और फसल भी अच्छी नहीं मिल पाएगी। अगर सबकुछ ठीक रहा तब भी समय पूर्व फसल के पकने से किसान को धान सहेजने में बड़ी होगी क्योंकि खेत में पानी होगा, और आसपास के सारे खेतों में धान होने के कारण मशीन से कटाई करते नहीं बनेगा। किसान के अनुसार पूस में पकने वाली धान क्वार में ही पककर तैयार हो जाएगी जिसे सहेजना उसके बस की बात नहीं है।