पार्टी कार्यालयों का गर्माया माहौल
नगरपालिका सक्ती के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है। नगर पालिका सक्ती में प्रथम चरण में 29 दिसंबर को मतदान होगा। अध्यक्ष की कुर्सी सामान्य होने के कारण प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा और कांग्रेस की टिकट को लेकर फिर से जोर आजमाइश दिख रही है। दावेदार चुनाव की तैयारी में एक बार फिर जुट गए हैं।
मैदान में उतरने की पूरी तरह मंशा बना चुके नेताओं ने फिर जनसंपर्क शुरू कर दिया है। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक श्याम सुंदर अग्रवाल जो अपना बैनर नगर में लगाकर प्रचार में जुट गए हैं। वही वार्ड 16 में हाईस्कूल के सामने स्थित भाजपा कार्यालय की साफ-सफाई कर उसे उठने बैठने लायक बनाया जा रहा है। नगरीय निकाय चुनाव स्थगित होने से दावेदारों के चेहरे में मायूसी छा गई थी। खास तौर पर ऐसे दावेदार जो चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुके थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव पर रोक लगने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी शांत हो गई थीं। दावेदार शांत बैठ गए थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाए जाने के साथ ही सक्ती नगर में चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई। पालिका चुनाव में कांग्रेस भाजपा के मध्य ही आमना सामना होगा। इसलिए दोनों पार्टी मे ही टिकट के दावेदारों का ज्यादा घमासान मचा हुआ है। वर्तमान में पुराने परिसीमन के आधार पर चुनाव किया जाना है, इसलिए दावेदारों का भय अब समाप्त हो चुका है। नगरीय निकाय चुनाव की नई तिथि घोषित होते ही राजनीतिक पार्टी कार्यालयों में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। दावेदारों ने भी चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। सोमवार 8 दिसंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर वार्ड से कांग्रेस और भाजपा की टिकट के लिए कम से कम आधा दर्जन दावेदार हैं।
इनमें कई वर्तमान पार्षदों के अलावा उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। ऐसी स्थिति में दावेदारों को पहले तो खुद के लिए टिकट का रास्ता साफ करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। दावेदारों का जिस खेमे से नाता है, उस खेमे के मुखिया से लेकर अन्य करीबी नेताओं से मिलकर जोर लगाया जा रहा है। कांग्रेस में ज्यादातर दावेदारों का कनेक्शन डॉ. चरणदास महंत से है। जबकि भाजपा में टिकट के कई दावेदार सीधे विधायक डा. खिलावन साहू या सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले के निवास में पहुंच रहे हैं। पता चला है कि विधायक डा.