मूकबधिर बच्चों को मिली शिक्षण सामग्री
शाला त्यागी 55 बालिकाओं ने लिया दाखिला
किशोरी सम्मेलन मंे 411 बालिकाओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण,
भास्करन्यूज | सक्ती
तहसीलमुख्यालय सक्ती के नंदेलीभांठा में किशोरी बालिका सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास विभाग के मालखरौदा और सक्ती परियोजना की 411 बालिकाएं शामिल हुईं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा सक्ती की 14 और मालखरौदा की 41 शाला त्यागी बालिकाओं को फिर से स्कूल में प्रवेश दिलाया गया।
सम्मेलन में सभी बालिकाओं एवं उपस्थित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को बाल विवाह रोकने के लिए मदद करने की शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत सीईओ शिव अनंत तायल ने इस अवसर पर कहा कि एक बालिका के शिक्षित होने से मायके और ससुराल दो परिवार शिक्षित होते हैं। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं रोजगार स्वरोजगार के लिए सक्षम होेती हैैं। बालिकाओं के शिक्षित होने से उनके आत्म निर्भर होने का मार्ग प्रशस्त होता है। सम्मेलन को एसडीएम आशीष टिकरिया ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का स्कूल में निशुल्क प्रवेश, निशुल्क गणवेश, निशुल्क पाठ्य पुस्तक, मध्यांह भोजन की जानकारी दी। इसी प्रकार महिला एवं बाल विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। सम्मेलन में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
बाल विवाह रोकने की शपथ लेती बालिकाएं।
बाल विवाह रोकने की शपथ लेती बालिकाएं।
सम्मेलन में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में सभी 411 किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बालिकाओं को आयरन फालिक एसिड और कैलशियम की टेबलेट दी गई। सम्मेलन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास परियोजना के स्टॉल लगाए गए।
किशोरियों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण