तेल सस्ता, किराया जस का तस
बस यात्रियों को नहीं हो रहा पेट्रोल-डीजल के दाम घटने का फायदा
गिरावट बेअसर
पेट्रोलडीजल के दाम में एक बार फिर गिरावट गई है। अब तक 10 बार पेट्रोल डीजल के दाम कम हो गए हैं। लेकिन बस किराए के दामों में अभी तक कोई कमी नही आई है। पेट्रोल अब लगभग 59 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इसके बावजूद भी यात्री वाहनों के किराए कम होने के नाम ही नहीं ले रहे हैं। सबसे अधिक सराईपाली से रायपुर तक सैकड़ों की संख्या में वाहनों की आवाजाही हो रही है।
सामान्य बसों में अभी भी रायपुर तक का किराया 130 रुपया है। जबकि डीजल के दाम 65 रुपए के आसपास था तो वक्त से बढ़ा हुआ वाहन किराया का दर अभी भी लिया जा रहा है। अब डीजल का दाम घटकर 52 रुपए हो गया है इसके बाद भी वाहनों का किराया जैसा का तैसा बना हुआ है। किराया कम करने की बात जब वाहन मालिकों से किया जाता है तब वे दूसरे अन्य चीजों के दामों का हवाला दिया जाता है। यहां तक कि स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टर आदि से सामान लाने ले जाने का भी किराया दिनों दिन बढ़ रहा है। इसमें ट्रैक्टरों से मकान बनाने हेतु ईंट, मिट्टी, रेत आदि सामग्रियों के परिवहन में भी लोगों को डीजल कम होने का लाभ नही मिल पा रहा है। जब पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ रहा था तो यात्री एवं ट्रांसपोर्टर आदि का किराया भी बढ़ता रहा। कई बार ऐसी स्थिति हुई कि कई दिनों तक बसों के पहिए भी दाम नही बढ़ाने की वजह से थमे रहे।
डीजल के दाम में लगातार गिरावट से ही सरकार इस दिशा में निर्देशित कर रही है और ही वाहन का किराया कम हो रहा है। मुसाफिरों को अभी भी बढ़े हुए दाम में सफर करना पड़ रहा है। यात्री वाहनों के अलावा ट्रक भाड़े में भी किसी प्रकार की कमी नही होने की जानकारी मिली है। डीजल के दाम कम होने से बस संचालक एवं ट्रांसपोर्टर चांदी काट रहे हैं।