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पुलिस ने उप्र भेजे जा रहे 65 श्रमिकों को मुक्त कराया

7 वर्ष पहले
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यहांसे काम की तलाश में बाहर जा रहे 65 करीब श्रमिकों को पुलिस ने रेल्वे स्टेशन परिसर में ही रोक लिया। इन्हें श्रमिक दलालों के मार्फत उत्तरप्रदेश भेजे जाने की तैयारी की गई थी। युवा आईपीएस एसडीपीओ सुधांशु शेखर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने बुधवार अपरान्ह को स्थानीय रेल्वे स्टेशन में छापा मारा। एसडीपीओ ने बताया कि स्टेशन में दो दलालों के करीब 65 श्रमिकों को समता एक्सप्रेस से उत्तरप्रदेश के बारांबकी भेजा जा रहा था।

इन श्रमिकों के पास से पुलिस ने 21 जनरल टिकट भी जब्त किया है। श्रमिकों में से करीब 50 श्रमिक खरियार रोड़ के एक श्रमिक दलाल तथा बाकी के 14 श्रमिक सेमरिया के एक श्रमिक दलाल के बताए जा रहे हैं। समता एक्सप्रेस के जनरल कोच ट्रेन के आगे पीछे होते हैं। सो पुलिस को प्ल्टेफार्म के दोनों छोर पर ट्रेन का इंतजार करते श्रमिक मिले। पुलिस की एक टीम ने स्टेशन के एक छोर पर करीब 50 श्रमिकों को रोका तो दूसरे छोर पर 14 श्रमिक पकड़े गए। इन श्रमिकों में कुलियाबांधा पंचायत के गेहरनडिही के चार, अमानपुरी के तीन, ठेलकोबेड़ा के 11, सरायपाली के दो परिवार के बीस लोग शामिल है।

इसके छत्तीसगढ़ के सालडबरी गांव के छह तथा खट्टी के 14 श्रमिक बताए गए हैं जिन्हे परसुली के एक दलाल के मार्फत भेजे जाने की खबर है। शाम करीब साढ़े पांच बजे खबर लिखे जाने तक श्रमिक रेल्वे स्टेशन परिसर में ही थे तथा उन्हे उनके गांव वापस भेजने की व्यवस्था की जा रही थी। एसडीपीओ सुंधाशु शेखर मिश्र ने बताया कि श्रम विभाग को बुला कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी उसके बाद उन्हे वापस भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इस बात की भी जांच की जाएगी कि पलायन करने वाले श्रमिकों में से कितनों का पंजीयन करवाया गया है। पलायन करने वालों में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। खबर लिखे जाने तक मामले की जांच जारी थी।

खरियार रोड. रेल्वेस्टेशन परिसर में पुलिस द्वारा रोके गए श्रमिक।