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जाली ड्राफ्ट तैयार कर निकाले छत्तीस लाख

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | भंवरपुर (सराईपाली)

कोआपरेटिवभंवरपुर के सहायक लेखापाल सोहन चौहान ने बैंक मैनेजर की गैरमौजूदगी की फायदा उठाते हुए 36 लाख के बैंक ड्राफ्ट तैयार कर पूरी राशि हड़प ली। मामले का खुलासा बैंक के रीजनल शाखा में क्लियरेंस अपडेशन के वक्त हुआ। जिले में यह सहकारी बैंक के लिए यह पहली घटना है जिसमें इतनी बड़ी राशि का गोलमाल बैंक कर्मचारी द्वारा ही किया गया है।

शाखा प्रबंधक अमृतलाल जगत ने बताया कि 30 अगस्त 2014 को मासिक समीक्षा बैठक में रायपुर कार्यालय गए थे। उस तिथि को जिला सहकारी बैंक के सहायक लेखापाल सोहनलाल चौहान ने बैंक से चार डिमांड ड्राफ्ट क्रमांक 001701, 001702, 001703, 001701 में नौ-नौ लाख कुल छत्तीस लाख लाख रुपए भरकर पंजाब नेशनल बैंक सराईपाली से नगद आहरित कर लिया। वहीं रायपुर जिला सहकारी बैंक कार्यालय द्वारा छत्तीस लाख रुपए के डिमांड ड्राफ्ट की क्लियरेंस कर 03 सितंबर का सराईपाली पंजाब नेशनल बैंक को भुगतान भी कर दिया गया। मामला सामने तब आया जब 24 नवंबर को सीओडी रायपुर का पत्र मिला जिसमें चारों डिमांड ड्राफ्ट के बारे में भंवरपुर शाखा से जानकारी मांगी गई। जिसकी एडवाईस अभी तक रायपुर मुख्यालय में नहीं मिली है। शाखा प्रबंधक अमृतलाल जगत ने डिमांड ड्राफ्ट का मिलान किया तो चार डिमांड ड्राफ्ट गायब मिले।

इस छत्तीस लाख रुपए की गडबड़ी के मामले में जिला रायपुर सीओडी की भूमिका पर सवाल उठने लगे है। इस प्रकरण की जांच कर रहे अधिकारी ने अपनी जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से लिखा है कि जब पीएनबी सराईपाली ने छत्तीस लाख रुपए की डिमांड ड्राफ्ट को समायोजन के लिए सीओडी मिला तो नियमानुसार हस्ताक्षर के नमूना प्रमाणित सूची से मिलान किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। जिस वजह से ही राशि की गोलमाल संभव हुई। यहां पर उल्लेखनीय है कि इस 36 लाख रुपए आहरण होने से एक दिन पूर्व 20 लाख के डिमांड ड्राफ्ट से भंवरपुर बैंक द्वारा निकासी की गई थी। बैंक प्रबंधन ने डिमांड ड्राफ्ट के साथ कैश विड्राल और भुगतान पत्रक की जांच भी शुरू की है।

छोटी गलतियों को छिपाने का खामियाजा

भंवरपुरकोआपरेटिव बैंक में आर्थिक अनियमितता का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरह की छोटी-छोटी गलतियां होती रही हैं। मौजूदा आरोपी सहायक लेखापाल के खिलाफ भी विभागीय जांच चल रही थी। जांच के दौरान जमा राशियों में अंत