- Hindi News
- बारिश में जर्जर हुई सड़कों की नहीं हुई मरम्मत, रोज हो रही दुर्घटनाएं
बारिश में जर्जर हुई सड़कों की नहीं हुई मरम्मत, रोज हो रही दुर्घटनाएं
सराईपाली | मल्दामाल,पकड़ीपाली, नवापारा, छिबर्रा, अमलीपदर आदि गांव को जोड़ने वाली सड़क जो कि छुईपाली एनएच में जाकर जुड़ती है, इस मार्ग में मल्दामाल के ठीक पहले बारिश के दिनों में सड़क आधी बह गई है।
बारिश को खत्म हुए 4 महिने हो गए है मगर इसकी मरम्मत की गई है ही कोई सूचक बोर्ड लगाया गया है, इस अंचल के लोगों को छोड़कर नए लोगों के लिए खतरा का भय बना रहता है। सड़क इस प्रकार कटकर गढ्ढ़ा बना है कि उस पर झाड़ की छांव ऐसे पड़ती है कि दूर से देखने वाले को लगता है कि यह झाड़ की छांव है जबकि वह एक बड़ा गढ्ढ़ा है। इस अंचल के लोगों ने बताया कि शीघ्र ही इसकी मरम्मत की जाए नहीं तो दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की मानी जाएगी। वैसे भी हमारे यहां जब तक कोई घटना नहीं घटती तब तक शासन प्रशासन जागता नहीं है।
शायद इस सड़क की गढ्ढ़े की मरम्मत के लिए किसी बड़े दुर्घटना को ताक रही है। कोटद्वारी इलाके के अर्जुंडा से बलौदा जाने वाले मार्ग जिसकी लंबाई 12 किमी है बीच में जगह जगह बड़े बड़े गढ्ढढे हो गए है। सलडीह और पाइकपारा के बीच 2 किमी की मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है, इस मार्ग पर 50 गांव के लोगों का आवागमन बलौदा और सराईपाली के लिए होता है।
जगह जगह गढ्ढढे की खबर सितंबर माह में छपने के बाद इन दिनों रिपेयरिंग का काम आरंभ हुआ, रिपेयरिंग के नाम पर उबड़ खाबड़ गढ्ढढो में समतलीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है जो कि पूरी तरह से सही ढंग से नहीं बन रहा है। इस मार्ग से निकले से उड़ती हुई धूल भी लोगों को परेशान करती है, एक वाहन के जाने के बाद लंबा गेप देना पड़ता है नहीं तो बाईक, साईकल और पैदल सवार धूल से लथपथ हो जाते है।
इस मार्ग की मरम्मत सही ढंग से किए जाने की मांग बलौदा क्षेत्र के केएम पाणिग्राही, पशुराम पाढ़ी, सरोज सेठ, नरेश तिवारी, शोभित सिदार, अशोक साहू, दीनबंधु चौधरी आदि ग्रामीणों ने की है।
पेड़ की छांव के कारण नहीं दिखते गड्ढ़े।
गड्ढ़ों को मुरम से पाटते श्रमिक।