इंजीनियर-सड़क में डामर है कम विभाग-इंजीनियर को हो रहा भ्रम
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लखनपुर तथा छुईपाली से जामपाली के बीच सड़क के नवीनीकरण पर विभाग और इंजीनियर गुणवत्ता को लेकर आमने-सामने आ गए हैं।
रिमजी के ग्रामीणों से चर्चा कर इंजीनियर एमएन धनानी ने बताया कि सड़क में लगभग 3 प्रतिशत डामर होना चाहिए जबकि डामर की मात्रा इससे कम होने पर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इस पर ग्रामीणों व जनपद सदस्य क्षेत्र 9 व 1 के लोगों साथ जनपद उपाध्यक्ष अनंतराम बिसी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों की आेर से इस सड़क की लिखित शिकायत करते हुए कहा गया है कि एनएच से लखनपुर और छुईपाली से जामपाली तक घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन सभी सड़कों की सही जांच की जानी चाहिए।
डामर की मात्रा 3 प्रतिशत किया जा रहा है जबकि भुगतान 6 प्रतिशत का हो रहा है। निर्माण में नेचुरल मुरूम का उपयोग किया जा रहा है जो कि मापदंड ग्रेड जीएसबी ग्रेड 3 के अनुसार सही नहीं है। अभी तक ठेकेदार को 75 प्रतिशत तक अधिक भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा सड़क नवीनीकरण में क्रशर मेटल की जगह हैंडब्रोकन मशीन का उपयोग किया जा रहा है जो कि गलत है।
इसके अलावा पुल-पुलिया और सीसी रोड़ में सीमेंट कम डाला गया है जिसकी जांच की जानी चाहिए। लिखित शिकायत में इन सभी की प्रयोगशाला टेस्ट रिपोर्ट की छायाप्रति भी संलग्र की गई है।
नियमानुसार हो रहा काम
ग्रामीणों को हमारे किसी अधिकारी से बात कर भ्रम हो गया था। हमने पिछले कुछ दिनों में जांच की है। डामर का प्रतिशत 4.8 और 5.2 आया है। निर्माण कार्य नियमानुसार ही किया जा रहा है। आरबी सोनी, एसडीओ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क
गुणवत्ता प्रभावित हाे रही
सड़क में लगभग 3 प्रतिशत डामर होना चाहिए जबकि डामर की मात्रा इससे कम होने पर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। एमएन धनानी, इंजीनियर