कहीं धान जाम तो कहीं हो रही कम खरीदी
क्षेत्र में पिछले सप्ताह धान खरीदी के बहिष्कार के चलते धान नहीं बेच पाए बासीन के किसान 12 दिसंबर को बड़ी मात्रा में धान लेकर स्थानीय खरीदी केंद्र पहुंचे, इससे केंद्र में भीड़ लगी रही। शुक्रवार सुबह सुबह ही खरीदी केंद्र के बाहर 20-25 ट्रैक्टर, 4-5 मेटाडोर, 8-10 बैलगाड़ियों की लंबी कतार लगी थी। किसानों ने बताया कि सुहेला रानीजरौद गांवों को दो-दो दिन का समय दिया गया है जबकि हमें सप्ताह में केवल एक दिन दिया गया है। पिछले शुक्रवार को बहिष्कार के निर्णय के चलते हम धान बेचने नहीं लाए थे। इसलिए इस शुक्रवार को ज्यादा लोग धान बेचने गए हैं।
किसान महेंद्र वर्मा, जतिराम यदु, सुमीत वर्मा, मालिक राम साहू, धनेश्वर धृतलहरे, पुरुषोत्तम बंजारे आदि ने बताया कि बताया कि बीते डेढ़ माह से रात भर अपने कोठार में ही मिसाई कर चुके धान की रखवाली कर रहे थे। यदि आज धान लेकर आए हैं तो पूरे धान की तौल होनी चाहिए। दरअसल समिति प्रबंधक धजाराम साहू द्वारा केंद्र में आते ही आशंका जाहिर कर दी गई कि इतनी ज्यादा मात्रा में पहुंचे धान के चलते सभी धान की तौल संभव नहीं है। जो धान तौलने से बच पाएगा,उसे डंप किया जाएगा। जो कि पारी आने पर तौला जाएगा।इस पर किसानों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था हम धान तौलवाने के लिए 12 घंटे से पहले से लाइन लगा रखे हैं। किसानों का कहना है कि एक तो शासन द्वारा इस बार रोज धान खरीदी के लिए नए-नए नियम बनाए जा रहे हैं। समिति स्तर पर भी धान बिक्री में रोड़ा लगाया जा रहा है। दरअसल शासन की 15 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा के बाद कहीं 12 तो कहीं 13 क्विंटल धान ही खरीदा जा रहा है। इससे भी परेशानी हो रही है।
इनका कहना है
इससंबंध में विपणन संघ के एजीएमओ मनोज बघेल डाटा में सुधार होने संबंधी दावे से पलटते हुए कहा कि धान खरीदी पटवारियों द्वारा दिए गए आनावारी रिपोर्ट के अनुसार लिया जा रहा है। कम मात्रा में खरीदे जाने वाले गांवों का नाम शासन को भेज दिया गया है। वहीं समिति प्रबंधक धजाराम साहू ने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए बासीन का धान शनिवार रविवार को भी तौला जाएगा। जिसकी एंट्री सोमवार को की जाएगी। लेकिन देखना होगा कि कंप्यूटर में लोड होता या नहीं।
सुहेला. खरीदी केंद्र के बाहर धान से भरी गाड़ियों की कतार लगी।