किसानों के लिए सिरदर्द बना पंजीयन कराना
ऋण पुस्तिका की फोटो कापी के साथ वोटर आईटी एवं मोबाइल नंबर का पंजीयन फार्म में अंकित किया जाना कृषकों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रही है। वहीं दो सोसायटी क्षेत्र का भू स्वामी होना कृषकों के साथ समितियों के लिए भी सिरदर्द साबित हो रहा है। सिमगा ब्लाक के समिति संघ के अध्यक्षों ने नियमों में सरलीकरण की मांग लेकर 21 सितंबर को बैठक कर चर्चा करेंगे।
सेमराडीह सोसायटी में पंजीयन कराने आए कृषक राजकुमार ध्रुव एवं बिशेसर वर्मा ने बताया कि वे पंजीयन फार्म पर पड़ोसियों के मोबाइल नंबर दे रहे हैं। वहीं श्री सीमेंट संयंत्र के लिए भूमि बेचने वाले कृषकों ने 40-50किमी दूर भैंसा, भंडार, बोरसी, भवानीपुर, वटगन आदि स्थानों पर भूमि खरीदा है। उनका निवास स्थान के आधार पर सेमराडीह से लिए हैं। उन्हें अब पंजीयन वहां जाकर कराना पड़ेगा।
जांगड़ा समिति के माचाभाट, रेंगाबोड़, बुचीपार आदि गांव मुख्यालय से 20 से 25 किमी दूर स्थित है। इन गांवों के किसान जांगड़ा से ऋण लेते हैं परंतु वे धान बिक्री रोहरा खरीदी केंद्र से करेंगे। वहीं दूसरी समस्या ऋणपुस्तिका वोटर आईडी खो जाने वाले कृषकों के लिए भी है क्योंकि दोनों के नये बनाने की प्रक्रिया भी आम लोगों के लिए कठिन है।