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कुम्हाररास आश्रम के बच्चों में दिखे खसरे के लक्षण
एमपीएम में चुपके से भर्ती करवाया आठ छात्रों को, सभी की हालात सामान्य। हास्पिटल के डाॅक्टरों ने कहा बच्चों को हो सकता मिजल्स, जांच के लिए खून भेजा कोलकाता।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
सुकमाजिले के कुम्हाररास कन्या पोटाकेबिन के आधा दर्जन से ज्यादा बच्चों के खसरे के चपेट में आने की आंशका जताई जा रही है।
इन छात्रों की अचानक तबीयत खराब होने के बाद आश्रम के अफसरों ने इन्हें चुपचाप शहर के निजी हास्पिटल में दो दिनों पहले भर्ती करवा दिया था। जब इन्हें हास्पिटल लाया गया था तब इनमें मलेरिया टाइफाइड के लक्षण थे। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में रेसेस भी हो गए थे। यहां उपचार के दौरान कई बच्चों में मलेरिया पॉजीटिव पाया गया है। इसके अलावा शरीर में रेसेस के निशानों को डाॅक्टर खसरे से जोड़ कर देख रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार कुम्हाररास पोटाकेबिन में कई छात्र पिछले दिनो से बीमार थे। सूत्रों के अनुसार यहां पढ़ने वाले एक छात्र की मौत अज्ञात बीमारी से उसके घर पर हो गई थी। इसके बाद आश्रम में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में यहां बचे बीमार छात्रों को जगदलपुर उपचार के लिए लाया गया। सूत्रों के अनुसार बच्चों को निजी हास्पिटल में रखने का कारण यह था कि बीमार छात्रों का उपचार यहां हो जाए और इसकी खबर किसी को लगे। बच्चों के साथ आए सहायक आश्रम अधीक्षक से जब एक छात्र की मौत के संबंध में जानकारी चाही गई तो उन्होंने ऐसे किसी जानकारी से इंकार कर दिया। इसके अलावा उनका कहना था कि निजी हास्पिटल में अच्छा इलाज होता है इसलिए बच्चों को सुकमा कलेक्टर के निर्देश पर यहां लाया गया है।
जगदलपुर. शहर के निजी हास्पिटल में बीमार बच्चों का चल रहा इलाज।
बल्ड सैंपल कोलकाता भेजा
मामलेपर चर्चा करते हुए एमपीएम हास्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. जेडी दुल्हानी ने बताया कि कुम्हाररास से कुछ बच्चों को यहां लाया गया था। शुरूआत में इन्हें बुखार उल्टी की शिकायत थी। इसके अलावा कुछ बच्चों के शरीर में रेसेस भी हुए हैं। उन्होंने बताया कि जो बच्चे मलेरिया की चपेट में थे उनका ट्रीटमेंट चल रहा है। इसके अलावा कुछ बच्चों में खसरे के लक्ष्ण दिखे हैं। एेसे में इनके बल्ड सैंपल को कोलकाता जांच के लिए भेजा गया है। यहां से रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी। गौरतलब है कि खसरे से प्रभावित बच्चों में रोग से लड़ने की क्षमता कम हो जा