प्रति एकड़ 4 क्विंटल धान की खरीदी
8 समितियों में नहीं हुई बोहनी
डीएमओकेे के सोनी ने बताया कि जिले के कोंटा, छिंदगढ़, तोंगपाल और सुकमा समिति में अब तक 1931 क्विंटल धान की मेनवल खरीदी की गई है। कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर में खराबी होने की जानकारी भी आला अफसरों को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि कुकानार, कोडरीपाल, गादीरास, चिंतागुफा, दोरनापाल, पुसपाल, पोलमपल्ली एवं मुण्डपल्ली की समिति में अब तक बोहनी नहीं हो पाई है।
3059किसानों ने कराया पंजीयन
बीतेसाल जिले में 4448 किसानों ने धान की बिक्री के लिए पंजीयन कराया था। जिसमें से भी 3410 किसानों ने ही धान बेचा था। इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या 3059 है। शासन ने कर्ज लेकर किसानी करने वाले किसनों से ही प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदने का फैसला लिया है। जबकि जिन किसानों ने कर्ज नहीं लिया है उनसे प्रति एकड़ सिर्फ 10 क्विंटल धान ही खरीदा जाएगा।
पूछताछ कर लौट गए किसान
सॉफ्टवेयरमें खराबी की वज़ह से सोमवार को सुकमा की समिति में इसी वज़ह से धान खरीदी का काम बंद रहा। बताया गया कि शासन के गाइड लाइन के मुताबिक विभिन्न परिस्थितियों में धान खरीदी के पूरे सीजन में समिति किसानों से सिर्फ 10 दिन ही धान की मेनुअल खरीदी कर सकती है। इसके अलावा लगातार तीन दिन ही धान की मेनुअल खरीदी करने का नियम भी है। इसीलिए सोमवार को सुकमा समिति में धान की खरीदी नहीं की गई। किसान समिति में पहुंचे और पूछताछ कर लौट गए।
भास्कर न्यूज | सुकमा
जिलेमें धान की सरकारी खरीदी शुरू होने के 8 दिन बाद भी जिले के लगभग सभी 12 धान खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी प्रभावित रही।
शुक्रवार तक जिले के कोंटा समिति में 44 क्विंटल, छिंदगढ़ में 827.6 क्विंटल, तोंगपाल में 206 क्विंटल और सुकमा समिति में 854 क्विंटल धान की मेनुअल खरीदी की गई है।
जिले के कुकानार, कोडरीपाल, कोंटा, गादीरास, चिंतागुफा, छिंदगढ़, तोंगपाल, दोरनापाल, पुसपाल, पोलमपल्ली, मुंडपल्ली और सुकमा समेत कुल 12 समितियों के कंप्यूटर में किसानों से प्रति एकड़ सिर्फ चार क्विंटल खरीदी हो रही है। सॉफ्टवेयर में खराबी को इसकी वजह बताया गया है। खरीदी कंद्रों में धान खरीदी की प्रविष्टि करने के लिए लगाए गए कंप्यूटर में जो सॉफ्टवेटर डाला गया है उसमें तकनीकी खराबी की वज़ह से परेशानी हो रही है। सॉफ्टवेयर के सेटअप के मुताबिक प्रति हेक्टेयर 10 क्विंटल धान की ही