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संजीवनी बना सीआरपीएफ अस्पताल, साल भर में 900 से अधिक का इलाज

नगर पंचायत व आस-पास के नक्सल प्रभावित इलाके के ग्रामीणों के लिए सीआरपीएफ कैंप के अंदर खोला गया अस्पताल इन दिनों...

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2018, 09:30 AM IST
नगर पंचायत व आस-पास के नक्सल प्रभावित इलाके के ग्रामीणों के लिए सीआरपीएफ कैंप के अंदर खोला गया अस्पताल इन दिनों संजीवनी साबित हो रहा है। सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन द्वारा साल भर पहले खोले गए इस हास्पिटल से अब तक 900 ग्रामीण लाभ ले चुके हैं। इसमें 150 ग्रामीणों को रेफर कर उनकी जान बचाई गई वहीं 750 ग्रामीणों का मौके पर ही इलाज किया गया। इस अस्पताल में मरीजों का उपचार करने के लिए 5 सदस्यीय टीम बनाई गई है जिसमें एक एमबीबीएस डॉक्टर व चार अन्य स्टॉफ शामिल हैं। सामान्य बीमारियों के मरीजों के जांच के लिए भी व्यवस्था की गई है। साथ ही ग्रामीणों को मुफ्त में दवाएं भी मिल रही हैं।

गौरतलब है कि साल भर पहले तक दोरनापाल व आसपास के ग्रामीणों को इलाज कराने सुकमा और दंतेवाड़ा तक जाना पड़ता था जिससे अब निजात मिल गई है। कमांडेंट मो जमाल खान ने बताया कि दोरनापाल स्थित सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन में बड़े अस्पतालों जैसी सुविधाओं से लैस अस्पताल में रोजाना दर्जनों ग्रामीण पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी लोगों को मिल रही है वैसे-वैसे यहां आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां सभी वर्ग के लोगों का इलाज आसानी हो रहा है और मुफ्त में दवाइयां भी दी जा रही हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा से सीआरपीएफ द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मेडिकल कैंप,सिविक एक्शन का भी मिल रहा फायदा

कैंप में बनाए गए अस्पताल के अलावा ग्रामीणों की मदद मेडिकल कैंप और सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत भी की जा रही है। कुछ दिनों पहले दोरनापाल के साप्ताहिक बाजार में मेडिकल कैंप लगाया गया था। जिसमें 300 से अधिक ग्रामीण स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे थे। मेडिकल कैंप में इस दौरान मौजूद डीआईजी एलांगो ने ग्रामीण से चर्चा की और उन्हें बिना संकोच कैंप में आने के लिए कहा। डीआईजी ने इस दौरान कैंप के अंदर बनाए गए अस्पताल की व्यवस्था को देखा और उसे आधुनिक बनाने का निर्देश दिया है । इस दौरान उनके साथ कमांडेंट मो. जमाल खान, द्वितीय कमान अधिकारी किशोर, मनीष और डिप्टी कमांडेंट गुलशन तिर्की मौजूद थे।

कैंप के हास्पिटल में ग्रामीण का उपचार करते डॉक्टर।

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