छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव से 120 किमी दूर नक्सली इलाके में स्थित है मदनवाड़ा। जहां आम आदमी जाने में हिचकता हो, वहां स्कूलों में बच्चे कैसे जाएं ? लेकिन वहां के स्कूल में बच्चों की हाजिरी 100 प्रतिशत है। ये सब संभव हुआ है आईटीवीपी (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) के जवानों की मेहनत से। यहां प्राइमरी और मिडिल स्कूल दोनों में कुल 63 बच्चे हैं।
18वीं वाहिनी के सहायक सेनानी अनिल कुमार राघव बताते हैं कि हर रोज सभी बच्चे उपस्थित होते हैं। यह इकलौता स्कूल है जहां सेना की निगरानी में पढ़ाई होती है। अगर कोई बच्चा नहीं आता, तो उसे लेने के लिए हमारे जवान घर पहुंच जाते हैं। मदनवाड़ा में अब तक कोई भी 10वीं पास नहीं हो सका है। इसलिए इस साल आईटीबीपी ने आॅपरेशन सफलता के नाम 10वीं क्लास के बच्चों को पढ़ाने का सिलसिला भी शुरू किया है। मदनवाड़ा के स्कूल में सरकारी सेटअप के हिसाब से हेडमास्टर और दो सहायक शिक्षक है। लेकिन आईटीबीपी ने यहां 6 शिक्षक लगाए हैं।
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