रायपुर. छत्तीसगढ़ में पुलिस पर नक्सलियों के हमले आम बात हैं लेकिन अब स्कूली बच्चे भी इन हमलों में शामिल रहते हैं। ऐसा ही एक हमला कुछ दिनों पहले पुलिस के जवानों पर हुआ जिसमें स्कूली बच्चे पुलिस वालों के हथियार छीन कर ले गए। सुकमा के किस्टाराम थाने को नक्सलियों ने लूटने की कोशिश की थी। 8 मई को उनकी यह योजना तब फेल हो गई, जब जवान झुंड में अचानक लकड़ी लेने जंगल की ओर निकल पड़े। रास्ते में छिपे नक्सलियों ने उन्हें अपनी तरफ आते हुए देखकर हमला बोल दिया, जिसमें दो जवान शहीद हो गए, जबकि दो घायल हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सली जब फोर्स पर फायरिंग कर रहे थे, उसी दौरान जमीन में घिसटते हुए उनकी तरफ से स्कूली बच्चे जवानों के हथियार छीनकर ले जा रहे थे।
यह खुलासा घायल कमांडर भागवत बघेल ने किया है। उन्होंने अपने सामने चित पड़े साथियों के हाथों से स्कूल ड्रेस पहने बच्चों को हथियार लूटते देखा। करीब 11 बच्चों को उस वक्त नक्सली काउंटर अटैक करते हुए सुरक्षा दे रहे थे। वो जमीन में घिसटते हुए जवानों के पास आते और उसी अंदाज में हथियार उठाकर ले जाते। बघेल ने बताया- 30-30 जवानों की दो पार्टी थी। जिस पर हमला हुआ, उसका कमांडर मैं था। मैं पहले आगे था, बाद में लकड़ी उठाने के चक्कर में शहीद हुए दो जवान मुझसे एक कदम आगे हो गए। उनके आगे होते ही नाले की आड़ में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मैं इस हमले को अच्छा कहूं या बुरा, मुझे समझ में नहीं आ रहा। अगर उस दिन हमारी टीम लकड़ी लेने नहीं निकलती तो शायद वो थाने को घेरकर बाहर से हमला कर देते तो ज्यादा जवान मारे जा सकते थे। फिर उनसे निपटना मुश्किल हो जाता, क्योंकि वहां से दूसरे थाने काफी दूर हैं।