रायपुर. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के नए नियमों के चलते राजधानी समेत पूरे प्रदेश में लगभग एक लाख गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं। एक नाम और एक ही पते पर दो कनेक्शन रखने वालों को एक कनेक्शन पर सिलेंडरों की डिलीवरी बंद कर दी गई है। ऐसे लोगों के नाम ट्रांसपैरेंसी पोर्टल पर डिस्पले कर दिए गए हैं।
ग्राहक ऑनलाइन अपना कंज्यूमर नंबर डालकर इसकी जानकारी ले सकते हैं। इसमें सबसे ज्यादा गैस कनेक्शन इंडियन ऑयल के हैं। राज्य में इंडियन ऑयल के ग्राहकों की संख्या भी सबसे ज्यादा है।
केंद्र सरकार ने पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में ऐसे सभी ग्राहकों की पहचान के लिए केवायसी अभियान चलाया था। इसमें इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के ग्राहकों से दोबारा कई तरह के प्रमाणपत्र मांगे गए थे। लोगों की ओर से जमा किए गए केवायसी फॉर्म के आधार पर ही ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनके पास एक ही नाम-पते से दो गैस कनेक्शन हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साल की शुरुआत में ही तीनों कंपनियों को ऐसे लोगों के एक कनेक्शन पर सिलेंडरों की डिलीवरी बंद करने का आदेश जारी कर दिया था। आदेश मिलने के साथ ही कंपनियों ने ऐसे कनेक्शन पर सिलेंडरों की डिलीवरी बंद करने का काम शुरू कर दिया है। अफसरों के मुताबिक, अब तक 35 हजार से ज्यादा कनेक्शनों पर सिलेंडरों की डिलीवरी बंद कर दी गई है।
कंपनियों के दफ्तरों के पते
बीपीसीएल : अभ्युदय कांप्लेक्स नगर घड़ी चौक के पास।
एचपीसीएल : मदीना मंजिल, आंबेडकर अस्पताल चौक के पास।
इंडियन ऑयल : वीआईपी तिराहा एयरपोर्ट
की ओर जाने वाले रोड पर।
वेरीफिकेशन नहीं करने का आरोप
ग्राहकों की जांच के दौरान लाखों की संख्या में केवायसी फॉर्म गैस एजेंसियों में जमा हुए। लोगों का आरोप है कि एजेंसी संचालकों ने आवेदनों का सत्यापन ही नहीं किया। बिना किसी जांच के हजारों लोगों के कनेक्शन लॉक कर दिए गए। इनमें से ज्यादातर ऐसे थे, जिन्होंने कम संख्या में सिलेंडरों की डिलीवरी ली थी या घर का पता चेंज कर दिया था।
कई कनेक्शन बेवजह लॉक
एक नाम और एक पते पर दो सिलेंडर रखने वालों की जांच के दौरान ऐसे भी कनेक्शन लॉक हो गए, जिन्होंने केवायसी प्रक्रिया के तहत कुछ दस्तावेज जमा नहीं कराए थे। ऐसे लोग अब भी कंपनियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। ऑनलाइन लॉक होने से गैस एजेंसियां ग्राहकों को सीधे कंपनी के दफ्तर जाने के लिए कह रही हैं। इस वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां भी झेलनी पड़ रही है। गैस कंपनियां पूरी जांच के बाद ही ऐसे लोगों के लॉक खोल रही हैं।
मिल सकती है राहत
गैस कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार जिन लोगों के पास एक ही नाम या एक ही पते पर दो कनेक्शन हैं। ऐसे लोग एक कनेक्शन अपने घरवालों या रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ गैस एजेंसी के दफ्तर में एक आवेदन देना होगा। कनेक्शन उसी व्यक्ति को ट्रांसफर होगा, जिसके पास किसी भी कंपनी का गैस कनेक्शन नहीं है। पति अपनी पत्नी को और पत्नी अपने पति को गैस कनेक्शन का ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।
सीधे एजेंसी में कर सकते हैं संपर्क
केवायसी जांच के दौरान अगर आपका कनेक्शन लॉक कर दिया गया है तो इसकी शिकायत सबसे पहले एजेंसी के दफ्तर में कर सकते हैं। दस्तावेजों की कमी होने पर उसे एजेंसी के दफ्तर में जमा किया जा सकता है। एजेंसी में सुनवाई न होने पर बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल के दफ्तर में संपर्क किया जा सकता है। कनेक्शन ट्रांसफर करने के लिए भी एजेंसियों में आवेदन देना होगा।