विजय- डॉक्टर साहब शरीर में दर्द है और बुखार भी?
आंखों देखी- टीम जब पहुंची तो क्लीनिक के बाहर कुछ मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। अंदर जाने पर देखा कि कुछ लोग डॉक्टर के साथ बैठकर रजिस्टर में हिसाब मिला रहे थे। माना सिविल अस्पताल के रजिस्टर में वाइटनर लगाकर कुछ लिखा जा रहा था। मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने विजय बघेल नामक एक मरीज पहुंचे। इस दौरान उनके और डॉ. वैष्णव के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्डेड अंश...
विजय- डॉक्टर साहब शरीर में दर्द है और बुखार भी?
डॉ. वैष्णव- कब से है?
आज सुबह से है?
कहां रहते हैं आैर क्या करते हैं?
आजाद चौक में रहते हैं और सरकारी बैंक में नौकरी करते हैं?
सीधे बाेल न रे छुट्टी चाहिए।
हां, सर छुट्टी चाहिए?
कब से छुट्टी लेनी है बता...
दो दिन से ऑफिस नहीं जा रहा हूं?
बैक डेट से छुट्टी चाहिए।
सर दो दिन पहले से चाहिए, बन जाएगा न?
बन तो जाएगा पर पैसे ज्यादा लगेंगे।
कितना लगेगा?
कब तक छुट्टी लेनी है।
10-12 दिन चाहिए?
दो दिन बैक डेट पर बनाना है तो सात सौ रुपए लगेगा।
पैसा ज्यादा लग रहा है कुछ कम नहीं होगा?
क्या है, मैं बैक डेट का हॉस्पिटल से पर्ची बनवाऊंगा। रजिस्टर में वाइटनर लगाकर एंट्री करवाऊंगा, वहां भी देना पड़ता है।
ठीक है सर बना दीजिए?
सरकारी कर्मचािरयों को... पेज 1 का शेष
सरकारी सील निजी क्लीनिक में
माना स्थित सिविल अस्पताल के सील का डॉ. वैष्णव दुरुपयोग कर रहे हैं। अस्पताल की सील वे अपने पास ही रखते हैं। इसी से वे अपने क्लीनिक में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर देते हैं।
700 से 1000 रुपए लगता है चार्ज
मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए लोगों से 700 से 1000 रुपए लिए जा रहे हैं। अगर किसी को बैक डेट से सर्टिफिकेट चाहिए तो उसे भी बनाकर दिया जाता है। इसके लिए रजिस्टर में वाइटनर लगाकर नाम की एंट्री की जाती है।
सर्टिफिकेट बैक डेट से भी बनाने का कर रहे हैं दावा
8 फरवरी/ शाम 6.30 बजे
आरोग्य भारती हॉस्पिटल, टिकरापारा
स्टिंग -2