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प्राइवेट छात्र परीक्षा देंगे आउटर के कालेजों में

5 वर्ष पहले
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रविवि की वार्षिक परीक्षा के लिए प्राइवेट के तौर पर जिन विद्यार्थियों ने दुर्गा कालेज समेत आधा दर्जन महाविद्यालयों में फार्म भरा है, उन्हें उन कालेजों में सेंटर नहीं मिल पाएगा। इन कालेजों में सीटें इस तरह पैक हुई हैं कि ये प्राइवेट छात्रों की परीक्षा नहीं ले पाएंगे। इसलिए पं. रविशंकर विश्वविद्यालय प्रबंधन इन कालेजों के सेंटर बदल रहा है। सभी को परीक्षा देने के लिए शहर से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर मंदिरहसौद व माना स्थित प्राइवेट कॉलेजों में जाना होगा।

जानकारों के मुताबिक बीए व बीकॉम प्रथम वर्ष में ही ऐसे विद्यार्थियों की संख्या करीब साढ़े तीन सौ है। अन्य कक्षाओं को मिलाकर यह संख्या हजारों में है। प्रथम वर्ष को छोड़कर बाकी के सेंटर के बारे में अभी फैसला होना बाकी है। उल्लेखनीय है कि वार्षिक परीक्षा के लिए प्राइवेट के विद्यार्थी जिस कॉलेज में आवेदन करते है, उनका परीक्षा केंद्र सामान्यतः वहीं रहता है। इस बार की वार्षिक परीक्षा के लिए राजधानी के दुर्गा, महंत समेत अन्य कॉलेजों में कुछ ही दिनों में बैठक क्षमता से ज्यादा आवेदन मिले हैं।

पिछले दिनों विवि में हुई कॉलेज के प्राचार्यों की बैठक में, क्षमता से ज्यादा आवेदन का मसला उठा। जिन कॉलेज में ज्यादा आवेदन मिले हैं, उसके विद्यार्थियों को विवि ने कम आवेदन वाले कॉलेजों में शिफ्ट किया। ये कॉलेज शहर के ही रहे। यहां भी सीटें फुल हो गई। इसके बाद भी दुर्गा व महंत कॉलेज में करीब साढ़े तीन सौ से ज्यादा परीक्षार्थी बैठक क्षमता से ज्यादा पाए गए। इसके बाद विवि ने आउटर में स्थित प्राइवेट कॉलेजों को इन विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया।

इनमें बीए और बीकॉम प्रथम में प्राइवेट से परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थी हैं।

बीएड नहीं पर बढ़े परीक्षार्थी
रविवि की स्नातक परीक्षाएं 10 मार्च से तथा स्नातकोत्तर परीक्षाएं 18 मार्च से शुरू होंगी। ये 13 मई तक चलेंगी। विवि की वार्षिक परीक्षा में इस बार करीब 2.65 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। पिछली बार की तुलना में इस बार दस हजार ज्यादा विद्यार्थियों के आवेदन मिले हैं। यह तब हुआ है जब बीएड, बीपीएड जैसे कोर्स वार्षिक परीक्षा से हटे हैं। इन कक्षाओं में करीब दस हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होते थे। पिछले सत्र से इनकी पढ़ाई सेमेस्टर से शुरू की गर्इ है। इस बार भी ये वार्षिक परीक्षा में शामिल होते तो परीक्षार्थियों की संख्या 2.75 लाख से ज्यादा होने की संभावना थी।

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