दिल्ली में बोले राज्यपाल नक्सलवाद खात्मे की ओर
रायपुर | राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने मंगलवार को दिल्ली में दावा किया कि प्रदेश में नक्सलवाद खत्म होने वाला है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में उन्होंने राज्य से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही सहायता की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रतिबद्ध एवं समन्वित प्रयासों से राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने की। दो दिवसीय सम्मेलन में उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री, राज्यों के राज्यपाल एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर शामिल हुए। राज्यपाल टंडन ने बताया कि राज्य में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की 44 बटालियन तैनात है। इनमें से 40 बटालियन बस्तर संभाग के घोर नक्सल प्रभावित आठ जिलों में तैनात हैं। उन्होंने एसटीएफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी।
टंडन ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां 2013 में युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान करने वाला अधिनियम लागू किया गया था। अधिनियम के तहत राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं जिला कौशल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। कोई भी इच्छुक युवा, अधिसूचित कौशल में से स्वयं की रुचि के व्यवसाय में कौशल प्रशिक्षण लेने के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन प्राप्ति के 90 दिन के भीतर उसे अपेक्षित कौशल प्रशिक्षण दिलाया जाता है।
जन अभियान बन गया स्वच्छ भारत अभियान
टंडन ने भारत सरकार के फ्लेगशिप प्रोग्राम जैसे स्वच्छ भारत अभियान, सभी के लिए आवास कार्यक्रमों के प्रदेश में क्रियान्वयन के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को जन अभियान बताया। ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकायों तक विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से एवं जन सहयोग से स्वच्छता अभियान के क्रियान्वयन हेतु व्यापक प्रयास किए गए हैं। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।