श्रवण यदु
अरुण- सर, मैं आपसे ही इलाज करवाता हूं, छुट्टी की जरूरत है... मेडिकल सर्टिफिकेट चाहिए?
डॉ. वैष्णव- कहां रहते हो...
संतोषी नगर में रहता हूं?
बनाकर दे दूंगा कितने दिनों की छुट्टी चाहिए...
18 दिन के लिए चाहिए, बाहर जा रहा हूं?
इतने दिनों का एक साथ नहीं बनेगा, दो बार में अनफिट कर देता हूं।
ऑफिस में परेशानी तो नहीं होगी?
नहीं होगी, तुम टेंशन मत लो मैं हू न... किस विभाग में हो और कहां पदस्थ हो...
रेलवे में हूं और रायपुर स्टेशन में पदस्थ हूं?
हो जाएगा, हजार रुपए लगेगा। किसी
श्रवण यदु रायपुर
डीबी स्टार टीम को शिकायत मिली थी कि टिकरापारा में संचालित एक क्लीनिक में पैसे लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। इसकी पड़ताल के लिए टीम टिकरापारा स्थित आरोग्य भारती हॉस्पिटल पहुंची। देखा एक हजार रुपए तक लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट दिया जा रहा था। कुछ मरीजों को स्टिंग कैमरा देकर डॉक्टर के पास भेजा गया। वहां सरकारी कर्मचारी बनकर छुट्टी के लिए बात की गई। डॉ. वैष्णव पैसे लेकर सर्टिफिकेट बनाने के लिए तैयार हो गया। जब टीम डॉ. वैष्णव के पास मौजूद थी, तब भी एक कर्मचारी को सर्टिफिकेट बनाकर दिया गया। मेडिकल सर्टिफिकेट में माना सिविल अस्पताल की सील लगाई जाती है, जिसे वे अपने क्लीनिक में ही रखते हैं। स्टिंग के बाद इस बारे में स्वास्थ्य संचालक और सीएमएचओ को बताया गया। दोनों ही मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
शेष पेज 3
5 फरवरी/ शाम 6.15 बजे
आरोग्य भारती हॉस्पिटल, टिकरापारा
स्टिंग -1
सरकारी कर्मचािरयों को हजार रुपए में मेडिकल सर्टिफिकेट
लोग पैसे देते हैं तो रख लेता हूं
 क्लीनिक में जो जरूरतमंद सरकारी कर्मचारी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आते हैं, उनका बनाकर देते हैं। सभी का नहीं बनाते। सर्टिफिकेट बनाकर देने पर लोग पैसे देते हैं तो रख लेते हैं।  डॉ. गणेश दास वैष्णव, चिकिसा अधिकारी, सिविल अस्पताल माना
सर्टिफिकेट बेच नहीं सकते
 सरकारी कर्मचारियों कोे मेडिकल सर्टिफिकेट बेचा जा रहा है तो इसकी जांच करवा लेते हैं। बेचने का सवाल ही नहीं है। जो बीमार है, उसी को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सर्टिफिकेट दिया जाता है। जांच के बाद कार्रवाई के लिए लिखेंगे।  डॉ. केआर सोनवानी, सीएमएचओ, रायपुर
जांच के बाद कार्रवाई
 पैसे लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना गलत है। इस तरह किसी का भी सर्टिफिकेट नहीं बनाया जा सकता। जिम्मेदार अधिकारियों से इस मामले की जांच करवाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  आर. प्रसन्ना, संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़
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