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देश विरोधी....

5 वर्ष पहले
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देश विरोधी....

वहीं माकपा नेता सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी. राजा ने भी उनसे सबूत दिखाने की मांग की है। राजनाथ की यह टिप्पणी सईद के कथित सिलसिलेवार ट्वीट्स के दो दिन बाद आई। जिसमें उसने पाकिस्तानियों को जेएनयू के आंदोलन को समर्थन देते हुए #सपोर्टजेएनयू ट्रेंड करने की अपील की थी। यह ट्विटर हैंडल हाफिज सईद का है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी हाफिज सईद के कथित ट्वीट के साथ अलर्ट जारी किया है। उसमें कहा गया है कि - “यह जेएनयू और देशभर के छात्र समुदाय को अलर्ट करने के लिए है। देशद्रोही राष्ट्र-विरोधी नारेबाजी के प्रभाव में न आएं। किसी भी तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि दंडनीय अपराध है।’ केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा- ‘यदि राहुल गांधी देश को विभाजित करने वाली मानसिकता का समर्थन करते हैं तो वह कांग्रेस कार्यालय में अलगाववादियों और आतंकवादियों की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। वे रोज वहां उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करें।’’ राहुल ने शनिवार को कहा था, ‘संस्थानों की आवाज दबाने वाले लोग सबसे अधिक देशद्रोही हैं। कोई युवा अपनी बात कहता है और सरकार कहती है कि वह देशद्रोही है।’

राजन ने कहा....

राजन ने फिर इसे अर्थव्यवस्था से जोड़कर समझाया। बोले- ‘फैक्टरी या बैंक में उत्पादकता बढ़ी है। वर्कर ज्यादा प्रोडक्ट बनाने लगा है। क्लर्क ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। यह टेक्नोलॉजी के कारण हुआ। इकोनॉमी में दो तरह के सेक्टर हैं। एक, जिसमें टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है और दूसरा, जहां पुरानी टेक्नोलॉजी से काम हो रहा है। ऐसे में पुरानी टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर में चीजों के दाम तेजी से बढ़ेंगे।’ राजन ने 29 जनवरी को भी ‘डोसा इकोनॉमिक्स’ के जरिए महंगाई को समझाया था। दिल्ली में उन्होंने कहा था- पेंशनभोगी की आय सीमित होती है। बैंक से ब्याज के रूप में। अगर महंगाई बढ़ती है तो वह कम डोसा खरीद सकेगा। अगर महंगाई दर कम हुई तो वह ज्यादा डोसा खरीदने में सक्षम होगा।

भारत निर्यात में प्रतिस्पर्धा कर सकें इसके लिए रुपए का सस्ता होना जरूरी है। दो साल में दूसरी करंसी के मुकाबले स्थिर बना है।

हमारा फोकस महंगाई कम करना है। ताकि लोग यह न पूछें कि रु. कमजोर क्यों हो रहा है।

700 पुरानी....

मगर सबसे अधिक दिक्कत इन कालोनियों की संपत्तियों को खरीदने और बेचने के दौरान आती है। इसके लिए हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारियों से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां पर एनअोसी देने के एवज में पदाधिकारी पैसों की डिमांड करते हैं। कई बार यह रकम बहुत अधिक होती है। जबकि कानूनन रूप सक सोसायटी के पदाधिकारी एनओसी के बदले पैसे नहीं ले सकते। कालोनी हैंडओवर होने के बाद फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को किसी भी तरह से एनओसी की जरुरत नहीं होगी।

अकेले रायपुर में ही 30 हजार से अधिक मकान

रायपुर की दस बड़ी हाउसिंग कालोनियों में लगभग 30 हजार से अधिक मकान मालिकों को हैंडओवर की विधिवत प्रक्रिया होने से फायदा होगा। इसमें सुंदर नगर सोसायटी, चौबे कालोनी, समता कालोनी, आनंद नगर, आम्रपाली, अग्रोहा, अनुपम नगर, राजीव नगर, हनुमान नगर, गीतांजलि नगर सहित अनेक बड़ी कालोनियां शामिल हैं। 700 से अधिक कालोनियां होंगी निगम को हैंडओवर

सहकारिता विभाग के अफसरों ने बताया कि बड़े शहरों में संख्या अधिक है। अकेले रायपुर में ही 70 से अधिक छोटी-बड़ी कालोनियां हैं, जिनका हैंडओवर निगम को करना है। हाउसिंग बोर्ड की राज्य भर में 34 कालोनियों का सर्वे किया जा चुका है। हाउसिंग बोर्ड सहित निजी हाउसिंग सोसायटियों की 700 से अधिक कालोनियाें के हैंडओवर की प्रक्रिया महीने भर के भीतर शुरु हो जाएगी। बाकी निजी कालोनियों का सर्वे महीने भर के भीतर कर लिया जाएगा। इसके बाद कालोनियों के विधिवत हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।

नीतिगत निर्णय ले लिया गया है। सभी दस नगर निगमों वाले शहरों में हाउसिंग सोसायटियों की कालोनियां हैंडओवर होंगी। महीने भर के भीतर कालोनियों के सभी मकानों का सर्वे करने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी। -दयालदास बघेल, सहकारिता मंत्री

मेक इन इंडिया....

आग के कुछ ही मिनट पहले अमिताभ-हेमा कार्यक्रम पेश कर स्टेज से उतरे थे। किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है। इस कार्यक्रम के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के रोक लगाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 3 फरवरी के फैसले में इस कार्यक्रम की मंजूरी दे दी थी। 2005 में हाईकोर्ट की एक कमिटी ने गिरगांव चौपाटी कार्यक्रम, समारोह के आयोजन के लिए गाइडलाइन तय की थीं। ‘मेक इन इंडिया सप्ताह’ के दौरान महाराष्ट्र की संस्कृति को दर्शाने वाला ‘महाराष्ट्र रजनी’ कार्यक्रम चल रहा था। अमिताभ-हेमा के स्टेज से उतरते ही मराठी फिल्म अभिनेत्री पूजा सावंत ने ‘लावणी’ डांस का कार्यक्रम शुरू किया। उसी वक्त मंच के नीचे आग लगनी शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों में भीषण हो गई। चूंकि कार्यक्रम गिरगांव चौपाटी पर था, लिहाजा समुद्र तरफ से आ रही तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया।

राज्य में तृतीय....

युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर देने के लिए 31 दिसम्बर 2016 तक सीधी भर्ती के पदों पर आयु सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष कर दी गई है। तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के मामलों में दस प्रतिशत की अधिक सीमा को एक साल के लिए शिथिल कर दिया गया है।

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