टायर फटने से गाड़ी पलटी एक युवक की मौत
काली बाइक वाले लुटेरे बने चुनौती शहर में 20 दिन में सातवीं चेन लूट
काली बाइक पर सवार दो युवकों ने रविवार को सुबह साढ़े 10 बजे चर्च से पैदल घर जा रही महिला की चेन लूट ली। आसपास के लोगों ने बताया कि हेलमेट लगाए दोनों लुटेरे काफी समय से वहां खड़े थे। अचानक एक लुटेरा महिला की ओर बढ़ा और दूसरे ने बाइक स्टार्ट कर ली। वारदात के बाद लुटेरा बाइक में बैठा और दोनों टाटीबंध की भीतरी सड़कों में गुम हो गए। यह सड़कें कबीरनगर और रिंग रोड-2 पर खुलती हैं। भागने के संभावित रूट पर पुलिस ने काफी खाक छानी लेकिन लुटेरों का क्लू नहीं मिला। वारदात के 10 मिनट के भीतर शहर में 70 जगह नाकेबंदी कर दी गई पर लुटेरे नहीं फंसे। 25 जनवरी से अब तक यह राजधानी में काली बाइक सवार युवकों की चेन लूट की सातवीं वारदात थी।
पुलिस के अनुसार टाटीबंध की निर्मला राजू (56) रविवार को सुबह चर्च गई थी। वहां से पैदल ही अपने घर लौट रही थीं। उसी समय ज्योति अस्पताल के सामने जीई रोड पर वारदात हुई। पुलिस के मुताबिक लुटेरे बाइक पर वहीं इंतजार कर रहे थे। एक ने हेलमेट पहन रखा था।
जैसे ही निर्मला नजदीक आईं, एक ने बाइक स्टार्ट की और दूसरा दौड़कर उनकी तरफ आया। गले में झपट्टा मारकर वह सीधा बाइक पर बैठा और लुटेरे भाग निकले। पुलिस ने बताया कि लुटेरे जिस रास्ते से भागे, वह रिंग रोड 2 और कबीर नगर की ओर जाता है। पुलिस इन रास्तों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है, लेकिन अब तक कोई क्लू नहीं मिला।
निर्मला राजू
सड़क किनारे इंतजार
पुलिस को आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि दोनों युवकों ने संभवत: आधे घंटे तक वहां खड़े रहकर आने-जाने वालों पर नजर रखी और शिकार का इंतजार किया। काफी लोगों ने दोनों को वहां खड़े देखा। निर्मला वहां से गुजरी तो दोनों तुरंत हरकत में आ गए। उन्होंने करीब सवा लाख रुपए कीमत की चेन पहन रखी थी। कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लुटेरों को भागते भी देखा लेकिन स्पीड इतनी ज्यादा थी कि कोई पीछा नहीं कर पाया।
लुटेरों को शहर का ज्ञान
वारदात के एक दिन पहले शनिवार शाम को लुटेरों ने भीड़भाड़ आमापारा बाजार में वृद्धा से लूट की थी। इसके बाद से शहर में पुलिस एलर्ट थी। शनिवार को रातभर आउटर इलाकों और पॉश कालोनियों में जांच चली। सादी वर्दी में भी पुलिस तैनात की गई। सुबह से पुलिस गश्त भी लगा रही थी। इसके बाद भी वारदात हुई और लुटेरे भागने में कामयाब भी हो गए। अब पुलिस को यकीन हो गया है कि लुटेरों को शहर की सड़कों का अच्छी तरह ज्ञान है।