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बस्तर को हिंसा से उबारने सीएम ने जेटली से मांगा चार हजार करोड़ का पैकेज

5 वर्ष पहले
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एमओयू : राज्य और रेलवे की कंपनी करेगी रेल का विस्तार
छत्तीसगढ़ में रेल लाइनों के विस्तार के लिए बुधवार को भारतीय रेल के साथ एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत नई रेल लाइनों के लिए राज्य और रेल मंत्रालय द्वारा एक संयुक्त उपक्रम बनाया जाएगा। इसमें राज्य सरकार का हिस्सा 51 फीसदी और रेल मंत्रालय का 49 फीसदी होगा। इसके तहत अगले साल तक 760 किमी लंबी तीन महत्वपूर्ण रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। वहीं आने वाले 6 सालों में कुल 1200 किमी अतिरिक्त रेल लाइनों का विस्तार होगा जो प्रदेश में रेलवे के इतिहास का रिकार्ड तोड़ देगा। इस अवसर पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य में रेलवे नेटवर्क का विस्तार देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि नक्सली समस्या के बावजूद रेल लाइनें बनेंगी और विकास होने से यह समस्या भी नहीं रहेगी।



साथ ही, यह भी बताया कि अभी 17 किलोमीटर रेलमार्ग बना लिया है और इस पर रेलगाड़ी चलने भी लगी है। शीघ्र ही यह 40 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। भारतीय रेल के साथ 3 कारीडोर परियोजनाओं के लिए एम.ओ.यू. किया गया है। इसके तहत राज्य में 760 किलोमीटर रेल नेटवर्क बनाया जाएगा। प्रथम रेल नेटवर्क डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-कोटा - कटघोरा से बिलासपुर को जोड़ेगा जो 270 किलोमीटर का होगा। यह रेल नेटवर्क 5 जिलों को जोड़ेगा, जिसमें से 2 जिले अभी तक रेलवे से बिलकुल अछुते है। द्वितीय रेल नेटवर्क अम्बिकापुर - बरवाडीह के बीच 182 किलोमीटर का होगा। यह मुम्बई-कोलकाता के बीच की दूरी को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे मुम्बई-कोलकाता के बीच रेल यातायात को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। तीसरा रेल नेटवर्क रायपुर- बलौदाबाजार -झारसुगड़ा के बीच 310 किलोमीटर का होगा। यह छत्तीसगढ़ के रेल विहीन बलौदाबाजार सहित 4 जिलों को जोड़ेगा और पड़ोसी राज्य ओडिसा भी इससे जुड़ेगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री के साथ आयोजित बैठक में रायगढ़, कोरबा और जगदलपुर में कोचिंग टर्मिनल की मांग की। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनांदगांव में गुडस शेड के स्थानांनतरण और छत्तीसगढ़ में भारतीय रेल की वृहद विनिर्माण इकाई को स्थापित करने की भी मांग की।

छत्तीसगढ़ में अभी लगभग 1180 किमी रेल लाइनें हैं जो रेल घनत्व के राष्ट्रीय औसत के 50 फीसदी से भी कम है। राज्य में फिलहाल 546 किमी रेल लाइनों का निर्माण कार्य चल रहा है। गौरतलब है कि देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां आगामी वर्षों में रेलवे के विस्तार पर भारी निवेश होने जा रहा है। इसके लिए 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्यों के साथ संयुक्त उपक्रम कंपनी बनाने को मंजूरी दी गई थी।

दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री से मिले डॉ. रमन
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