बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे लोगों को राहत
निश्चय कुमार | @nishchaykumar28
रायपुर. राज्य की पुरानी हाउसिंग सोसाइटियों में बुनियादी सुविधाओं के लिए एक अच्छी पहल सामने आई है। राज्य की सभी पुरानी हाउसिंग सोसाइटियों को संबंधित नगर निगमों को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद नगर निगम और जिला प्रशासन मिलकर उन कालोनियों में पानी-बिजली समेत तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए बाकायदा सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल के नेतृत्व में हाईपावर कमेटी बना दी गई है। पूरे प्रदेश में करीब 700 कॉलोनियां निगम के हवाले होंगी। अमूमन हर जिले में हाउसिंग सोसायटियों की कालोनियां हंै। सोसायटियों को शासन ने कुछ साल पहले भंग कर दिया है। इसके बाद उन कालोनियों के रखरखाव करने की जिम्मेदारी किसी की भी नहीं रही है। इससे उन कालोनियों में सड़क, स्ट्रीट लाइट, पानी और सफाई व्यवस्था में बहुत परेशानी हो रही है। हालांकि रायपुर की अधिकांश कालोनियों में नगर निगम बिजली, पानी, सड़क और सफाई की व्यवस्था कर रहा है। शेष|पेज 7
मगर सबसे अधिक दिक्कत इन कालोनियों की संपत्तियों को खरीदने और बेचने के दौरान आती है। इसके लिए हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारियों से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां पर एनअोसी देने के एवज में पदाधिकारी पैसों की डिमांड करते हैं। कई बार यह रकम बहुत अधिक होती है। जबकि कानूनन रूप सक सोसायटी के पदाधिकारी एनओसी के बदले पैसे नहीं ले सकते। कालोनी हैंडओवर होने के बाद फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को किसी भी तरह से एनओसी की जरुरत नहीं होगी।
अकेले रायपुर में ही 30 हजार से अधिक मकान
रायपुर की दस बड़ी हाउसिंग कालोनियों में लगभग 30 हजार से अधिक मकान मालिकों को हैंडओवर की विधिवत प्रक्रिया होने से फायदा होगा। इसमें सुंदर नगर सोसायटी, चौबे कालोनी, समता कालोनी, आनंद नगर, आम्रपाली, अग्रोहा, अनुपम नगर, राजीव नगर, हनुमान नगर, गीतांजलि नगर सहित अनेक बड़ी कालोनियां शामिल हैं। 700 से अधिक कालोनियां होंगी निगम को हैंडओवर
सहकारिता विभाग के अफसरों ने बताया कि बड़े शहरों में संख्या अधिक है। अकेले रायपुर में ही 70 से अधिक छोटी-बड़ी कालोनियां हैं, जिनका हैंडओवर निगम को करना है। हाउसिंग बोर्ड की राज्य भर में 34 कालोनियों का सर्वे किया जा चुका है। हाउसिंग बोर्ड सहित निजी हाउसिंग सोसायटियों की 700 से अधिक कालोनियाें के हैंडओवर की प्रक्रिया महीने भर के भीतर शुरु हो जाएगी। बाकी निजी कालोनियों का सर्वे महीने भर के भीतर कर लिया जाएगा। इसके बाद कालोनियों के विधिवत हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।
वर्जन
- नीतिगत निर्णय ले लिया गया है। सभी दस नगर निगमों वाले शहरों में हाउसिंग सोसायटियों की कालोनियां हैंडओवर होंगी। महीने भर के भीतर कालोनियों के सभी मकानों का सर्वे करने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी।
दयालदास बघेल
सहकारिता मंत्री
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