पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मेंस दे चुके लेकिन पीएससी की अगली प्रारंभिक परीक्षा में भी बैठने को मजबूर

मेंस दे चुके लेकिन पीएससी की अगली प्रारंभिक परीक्षा में भी बैठने को मजबूर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य सेवा परीक्षा (पीएससी) के उम्मीदवारों के लिए एक अजीबोगरीब फैसले से मुसीबत बढ़ गई है। मुसीबत भी अजीब तरह की है। दरअसल 20 फरवरी को पीएससी-2015 की प्रारंभिक परीक्षा होगी। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। लेकिन पीएससी-2014 में जिन उम्मीदवारों ने मेंस की परीक्षा दे दी है, उनके नतीजे अब तक जारी नहीं किए गए हैं। इस वजह से मेंस में शामिल ज्यादातर ने इस पीएससी प्रारंभिक के लिए फार्म तो भरा ही है, परीक्षा भी देने जा रहे हैं। अगर मेंस के नतीजे आ जाते तो वे अंतिम दौर यानी इंटरव्यू की तैयारी भी लग जाते, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेंस देने के बाद उम्मीदवार प्रारंभिक की तैयारी भी करेंगे और जो मेंस क्लीयर हो जाएंगे, उन्हें इसके साथ इंटरव्यू की तैयारी भी करनी पड़ेगी।

आयोग के अफसरों ने स्वीकर किया कि मार्च से पहले मेंस-2014 का परीक्षा परिणाम आना मुश्किल है। इसलिए मेंस में शामिल हुए सैकड़ों उम्मीदवार जिन्होंने इस साल भी पीएससी का फार्म भरा है, उन्हें प्रारंभिक परीक्षा-2015 में शामिल होना ही पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले मेंस का रिजल्ट जारी हो जाना चाहिए।

यह नियम नहीं बल्कि व्यवस्था है, जिसमें पीएससी फेल हुआ है। इस वजह से उम्मीदवारों को दोहरा दबाव झेलना पड़ रहा है।

कोर्स भी काफी विस्तृत : आयोग ने मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को वृहद कर दिया है। उम्मीदवारों ने 32 विषयों की परीक्षा दी है। चूंकि मेंस में प्रश्नों के उत्तर का वर्णन करना होता है और इसे विस्तार से लिखना पड़ता है। इन सभी विषय-विशेषज्ञ से उत्तर पुस्तिका की जांच कराना आयोग की चुनौती है। सूत्रों ने बताया कि विषय-विशेषज्ञों की उपलब्धता से कापी जांचने में देर हो रही है।

इसलिए आयोग दो से तीन महीने के अंदर परीक्षा परिणाम जारी नहीं कर पा रहा है। हालांकि पीएससी ने अब एक कैलेंडर बनाने की तैयारी शुरू की है ताकि सिविल सेवा भर्ती की प्रक्रिया एक साल में पूर्ण हो सके।

तारीख बढ़ी इसलिए देरी
पीएससी मेंस-2014 के नतीजे लेट होने की एक वजह ये भी है कि आयोग ने उस परीक्षा की तारीख एक महीना बढ़ा दी थी। परीक्षा 9 से 12 अक्टूबर-2015 के बीच होनी थी। इसे 5 से 8 नवंबर के बीच लिया गया। इस वजह से नतीजे भी लेट हुए। मध्यप्रदेश पीएससी से तिथि टकराने की वजह से यहां के मेंस एक्जाम को टाला गया था। हालांकि यह भी आयोग की ही लापरवाही मानी गई थी।

अजीब फैसला
खबरें और भी हैं...