पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कस्टम मिलिंग पर जीएसटी को लेकर संशय, मिलर सीएम से मिले

कस्टम मिलिंग पर जीएसटी को लेकर संशय, मिलर सीएम से मिले

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर | कस्टम मिलिंग में राहत को लेकर एक बार फिर राज्यभर के राइस मिलरों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। मिलरों का कहना है कि जीएसटी के पहले मिलिंग का काम सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर था। लेकिन अभी तक यह क्लियर नहीं हो पाया है कि जीएसटी में इसे बाहर रखा गया है या नहीं। मिलरों ने सभी कृषि उत्पादों को जीएसटी के शून्य कर के दायरे में रखने की भी मांग की। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में सीएम से पारस चोपड़ा, प्रमोद जैन, रौशन चंद्राकर, अशोक चौरडिया, राजीव अग्रवाल, श्रवण अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल आदि ने मुलाकात की।



मिलरों ने बताया कि छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत पीडीएस के लिए 55 हजार टन चावल का उपार्जन किया जाता है।







राज्य सरकार इसके लिए 18 सौ करोड़ की सब्सिडी दे रही है।







मिलरों ने कहा कि राज्य सरकार इतना चावल सीधे मिलरों से खरीद सकती है। उन्होंने तेलंगाना सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार मिलरों से 6 लाख टन चावल 2400 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर बारदाना सहित खरीद रही है। राज्य सरकार भी इस तरह का फैसला लेती है तो सरकार को 300 करोड़ के राजस्व की बचत होगी।

सीएम को पौधा भेंट करते राइस मिलर।

खबरें और भी हैं...