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सामाजिक नेतृत्व छीनने की कोशिश इसलिए बहिष्कार कानून का विरोध

4 वर्ष पहले
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सामाजिक बहिष्कार प्रतिषेध कानून का विरोध तेज हो गया है। राजधानी में पिछले दिनों खूबचंद बघेल जयंती के बहाने जुटे 24 समाज के प्रमुख इसके विरोध में खुलकर सामने आए। हफ्तेभर के भीतर इसके खिलाफ प्रदेश का पहला आंदोलन भाटापारा से शुरू होगा।

राज्य के सभी जिलों में अभियान चलाकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ते हुए राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने की रणनीति बनी है। दरअसल, राज्य सरकार प्रदेश में सामाजिक फरमानों पर रोक लगाने के उद्देश्य सामाजिक बहिष्कार प्रतिषेध कानून लाने की तैयारी में है। महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में इस कानून को अपने राज्य में लागू किया है। इधर, छत्तीसगढ़ में कानून लागू होने से पहले ही दो दर्जन समाजों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बहिष्कार कानून लागू नहीं होने देने के पीछे पिछड़ा वर्ग सर्व जातीय अभियान का तर्क है कि इससे सामाजिक नेतृत्व कमजोर होगा। मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रचार-प्रसार प्रभारी उधोराम वर्मा का कहना है कि सभी समाज को मुहिम से जोड़ने संभाग स्तरीय अभियान चलाया जा चुका है। सभी समाज अपने-अपने समाज से चुने गए विधायकों से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंप रहे हैं। ताकि विधानसभा में कानून पास करने के लिए प्रस्ताव आने पर वे इसका विरोध करें।

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कांग्रेस करेगी प्रस्ताव

का विरोध: भूपेश
पिछले दिनों डॉ. खूबचंद बघेल जयंती के मौके पर नवीन मार्केट में आयोजित समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी इसका विरोध कर चुके हैं। उन्होंने 24 समाज प्रमुखों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में कहा था कि सरकार इस कानून को लेकर विधानसभा में कोई प्रस्ताव लाती है तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी।

कोई कोर्ट नहीं जाना चाहता, सब समाज के पास आते हैं
मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष सीताराम वर्मा ने कहा कि बहिष्कार कानून लागू होने से समाज का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। छोटे-मोटे विवाद सामाजिक फैसलों से खत्म हो जाते हैं। यह कोई कुरीति नहीं, बल्कि सामाजिक अनुशासन के लिए पूर्वजों के चलाई गई एक परंपरा है। कानून के लागू होने के बाद किसी भी मामले को लेकर कोई व्यक्ति कोर्ट जाता है तो सबसे पहले समाज के पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी। कोई जेल या कोर्ट नहीं जाना चाहता। ऐसे में सामाजिक जिम्मेदारी निभाने कोई आगे नहीं आएगा और समाज वही खत्म हो जाएगा।

अच्छे काम देखें, दुरुपयोग करने वाले पर हो कार्रवाई: कुर्मी समाज
मनवा कुर्मी समाज के प्रचार-प्रसार प्रभारी उधोराम वर्मा ने कहा कि सरकार सिर्फ इसलिए बहिष्कार कानून ला रही है क्योंकि सामाजिक फैसलों से लोगों को परेशानी हो रही है लेकिन ऐसा नहीं है। अनुशासन का पालन नहीं करने वालों को सामाजिक दंड देना गलत नहीं है। हां, इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ जरूर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। समाज ने कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं। कुर्मी क्षत्रिय समाज में मृत्यु भोज, सगाई-शादी में फिजूलखर्ची रोकने, विधवा पुनर्विवाह कराने जैसा अच्छा काम भी किया गया है। इन सामाजिक फरमानों पर अमल भी हुआ और यह समाज के लोगों के हित में भी है।

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