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बोर्ड परीक्षा में अस्सी फीसदी अंक पाने वालों को नहीं मिलेगा रीवैल का मौका

5 वर्ष पहले
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दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा में अस्सी फीसदी या उससे ज्यादा अंक पाने वाले विद्यार्थियों को रीवैल का मौका नहीं मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं)पुनर्मूल्यांकन के नियमों में संशोधन करने जा रहा है। 80 फीसदी से ज्यादा अंक के अलावा परीक्षा में 20 फीसदी या इससे कम अंक पाने वाले भी दोबारा आंसरशीट जंचवाने के पात्रता नहीं होेंगे। इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा से पुनर्मूल्यांकन का नया नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है।

नया नियम लागू होने से सैकड़ों विद्यार्थी अपनी आंसरशीट नहीं जंचवा सकेंगे। अफसरों का कहना है कि 80 फीसदी से ज्यादा अंक पाने वाले विद्यार्थियों की आंसरशीट तीन-तीन बार जंचवायी जाएगी। एक कापी को तीन बार जंचवाने के बाद उसमें किसी तरह के बदलाव की गुजाइश नहीं रहेगी। इसी वजह से 80 फीसदी से ज्यादा अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं की आंसरशीट दोबारा नहीं जांची जाएगी। इसी तरह जिन विद्यार्थियों को 20 फीसदी से कम अंक मिलेंगे, उनके बारे में अफसरों का मानना है कि पहले से ही कम अंक मिले हैं, उनके नंबर पुनर्मूल्यांकन के बाद कितने बढ़ सकेंगे। इसी वजह से उनके लिए दोबारा कापी जंचवाने का अवसर समाप्त किया जा रहा है। माशिमं के अफसरों का कहना है कि पिछले कुछ बरसों में मूल्यांकन को लेकर लगातार सवाल उठे हैं। इस स्तर पर सुधार की जरूरत है। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। आगामी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन के पहले ही कापी जांचने वाले शिक्षकों को निर्देश जारी होंगे। गंभीरता से वे आंसरशीट चेक करें। आंसरशीट जांचने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई तय करने पर विचार किया जा रहा है।

पढ़ाई नए से परीक्षा पुराने पैटर्न पर
दसवीं का नया सिलेबस इस सत्र से प्रदेश के करीब 52 स्कूलों में लागू है। इनकी बोर्ड परीक्षा भी अन्य स्कूलों के साथ होगी। सिलेबस से ही सवाल पूछे जाएंगे लेकिन परीक्षा का पैटर्न पुराना होगा। विद्यार्थी हर साल दसवीं की परीक्षा देते आए है, वैसा ही सिस्टम रहेगा। प्रैक्टिकल का पर्चा सिर्फ साइंस में होगा। अन्य विषयों में सिर्फ थ्योरी होगी। 10वीं के नए सिलेबस में प्रैक्टिकल साइंस के अलावा अन्य विषयों में भी शामिल है। नए सत्र से दसवीं का नया पाठ्यक्रम पूरे स्कूलों में लागू होगा।

साल 2018 में जब बोर्ड परीक्षा होगी तब नया पैटर्न होगा।

जवाबदारी तय होगी
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष विकासशील का कहना है कि मूल्यांकन में होने वाली गलतियों के लिए जवाबदारी तय होगी। शिक्षक मूल्यांकन में गंभीरता बरते इस बात पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी होंगे। यह बोर्ड का निर्णय है कि दसवीं-बारहवीं में 20 फीसदी से कम अंक एवं 80 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को पुनर्मूल्यांकन का अवसर नहीं होगा।

मेरिट में बदलाव से हुई किरकिरी
दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के साथ ही अस्थाई टॉप-टेन मेरिट लिस्ट जारी करने का सिस्टम है। पुनर्मूल्यांकन व पुनर्गणना के नतीजों का असर अस्थाई मेरिट लिस्ट पर भी पड़ता है। इसमें कई छात्र जो पहले मेरिट में नहीं होते, पुनर्मूल्यांकन के बाद उन्हें अंतिम सूची में जगह मिल जाती है। कई बार एेसा भी हुआ है कि अस्थाई सूची में जिन्हें जगह मिली वे दोबारा कापी जांचने वाले सिस्टम में बाहर हो गए। इस बार भी दसवीं-बारहवीं की टॉप-टेन मेरिट में यह फेरबदल हुआ था। इससे मूल्यांकन पर सवाल उठने के साथ ही माशिमं की भी खूब किरकिरी हुई।

दसवीं-बारहवीं के लिए नया सिस्टम अगली परीक्षा से ही
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