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मेडिकल में रैगिंग के आरोप में निलंबित 11 छात्र बहाल

5 वर्ष पहले
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राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोपों में फंसकर तीन माह के लिए निलंबित 11 छात्रों को बहाल कर दिया गया है। छात्रों व उनके माता-पिता के शपथ पत्र के बाद कॉलेज प्रबंधन ने सभी का निलंबन समाप्त किया गया। हालांकि छात्र दो साल तक हॉस्टल में नहीं रह सकेंगे।

तीन साल पहले खुले राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में नवंबर में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद प्रबंधन ने 11 छात्रों को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। ये सभी छात्र फाइनल पार्ट-1 के थे। इन छात्रों की बहाली के लिए आरोपी छात्रों के साथ उनकी बैच वाले छात्रों ने प्रबंधन पर दबाव बनाया था। निलंबित छात्रों व उनके माता-पिता ने शपथपत्र देकर कहा है कि वे भविष्य में ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे, जिससे कॉलेज का अनुशासन भंग होता हो। अनुशासन तोड़ने पर एमबीबीएस कोर्स से बर्खास्त कर दिया जाए। छात्रों को दो साल के लिए हॉस्टल से बर्खास्त कर दिया गया था। यह बर्खास्तगी कायम रहेगी। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि मामला एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपा गया था। कमेटी की अनुशंसा के बाद छात्रों की बहाली की गई है।

यह था मामला : 6-7 अक्टूबर की दरमियानी रात तृतीय वर्ष के छात्रों ने द्वितीय वर्ष के छात्रों को जमकर पीटा था और गाली-गलौज भी की थी। मामला तब तूल पकड़ा, जब द्वितीय वर्ष के छात्रों ने प्रथम वर्ष के छात्रों की रैगिंग ली थी। यह घटना तृतीय वर्ष के छात्रों के सामने हुई थी।













सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों से यह कहते हुए मारपीट की कि सीनियर छात्रों के सामने जूनियरों की रैगिंग लेते हो। प्रथम वर्ष के छात्रों ने द्वितीय वर्ष के छात्रों की शिकायत नहीं की, इसलिए वे कार्रवाई से बच गए। द्वितीय वर्ष के छात्राें की शिकायत पर ही तीसरे वर्ष के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई। डीन ने यह मामला एंटी रैगिंग कमेटी को दे दिया था। मामले की शिकायत एसपी से भी हुई थी।

वर्जन

रैगिंग के आरोप में निलंबित छात्र व उनके माता-पिता के शपथ पत्र देने के बाद बहाल कर दिया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी की अनुशंसा के बाद ऐसा किया गया है। छात्र हॉस्टल से दो साल के लिए बर्खास्त ही रहेंगे।

डॉ. आरके सिंह, डीन मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव

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