एम्स में होगी 133 डॉक्टरों की भर्ती, पूरा सिस्टम बदल जाएगा
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स)में 133 डॉक्टरों की भर्ती को इस माह के अंत तक मंजूरी मिलने की संकेत है। भर्ती के लिए तीन चरणों का इंटरव्यू पूरा हो गया है। चयन सूची भी तैयार कर ली गई है। इस सूची को केंद्रीय बोर्ड की मंजूरी जरूरी है। चयन सूची 15 फरवरी को दिल्ली भेज दी जाएगी। दावा किया जा रहा है कि इसी महीने के अंत में दिल्ली में होने वाली बोर्ड की बैठक में डॉक्टरों की चयन सूची को मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद मार्च अंत तक चयनित डॉक्टरों को ज्वानिंग दे दी जाएगी। इतने डाक्टरों की भर्ती के एम्स में बड़े ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे।
एम्स में डॉक्टरों की भर्ती का सीधा फायदा मरीजों को होगा। अभी एम्स में कुछ सुविधाओं के अलावा इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। मरीजों को इमरजेंसी में इलाज नहीं मिल पाता है। सुबह ओपीडी में ही जांच और इलाज किया जा रहा है। हालांकि एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर लेबर रूम व इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने के निर्देश दे चुके हैं। अफसरों की बैठक में उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि एम्स में कुछ जरूरी सुविधाएं अभी तक शुरू नहीं की गई है।
उन्होंने कुछ प्रशासनिक अफसरों के साथ-साथ डाक्टरों से भी व्यवस्था को लेकर जवाब तलब किया। बैठक में उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हम लेबर रूम क्यों शुरू नहीं कर पा रहे हैं? इस पर कुछ डॉक्टरों ने कहा कि बेहोशी के विशेषज्ञों की कमी के चलते ऐसा हो रहा है। डायरेक्टर ने गायनी विभाग के डॉक्टरों से कहा कि आपको एक ओटी दी गई है। ऐसे में महिलाआें की जचकी क्यों नहीं हो रही है। कुछ डॉक्टरों ने गायनी विभाग को आवंटित ओटी को दूसरे विभाग को देने की मांग की।
इसका गायनी विभाग की एचओडी डॉ. सरिता अग्रवाल ने विरोध किया। डायरेक्टर ने ट्रामा एंड इमरजेंसी शुरू करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल अधीक्षक डॉ. अजय दानी, डिप्टी डायरेक्टर नीरेश शर्मा, सभी एचओडी व डॉक्टर मौजूद थे।
जल्द मिलेगी मंजूरी
इंटरव्यू के बाद डाॅक्टरों की चयन सूची तैयार है। इस महीने दिल्ली में होने वाली बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। डायरेक्टर ने लेबर रूम व इमरजेंसी सेवा करने के निर्देश दिए हैं। हम इस ओर प्रयास भी कर रहे हैं। नीरेश शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर प्रशासन एम्स